कश्मीरी पंडितों के लिए टाउनशिप पर पाकिस्तान की टेढ़ी नजर, जेटली ने दिया करारा जवाब

भारत ने सीधे तौर पर पाकिस्तान के उस रुख को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए कश्मीर घाटी में कोई भी ‘समर्पित’ टाउनशिप बसाने से राज्य के जनसांख्यिकी ढांचे में बदलाव आएगा और यह संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का उल्लंघन होगा।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नई दिल्ली में कहा कि कश्मीरी पंडितों के साथ मुस्लिम और सिख, जम्मू कश्मीर का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, ‘कश्मीरी पंडित, मुस्लिम और सिख, जम्मू कश्मीर की जनसांख्यिकी का अभिन्न हिस्सा हैं।’ जेटली ने संसद भवन के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘यह स्वाभाविक है कि जब हम उनके पुनर्वास की कल्पना करते हैं तो हर राजनैतिक दल देखना चाहेगा कि जो भी वहां से उजाड़ दिए गए, उन्हें वापस आना चाहिए।’

उन्होंने कहा, ‘इसमें सभी धर्मों के लोग शामिल होंगे, लेकिन यह स्वाभाविक है कि कश्मीरी पंडित बड़ी संख्या में होंगे।’

कश्मीर की बदलती जनसांख्यिकी संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के खिलाफ : पाकिस्तान

इससे पहले पाकिस्तान ने गुरुवार को कहा कि विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए कश्मीर घाटी में कोई भी समर्पित शहर बसाना राज्य की जनसांख्यिकी को बदल देगा और यह संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के खिलाफ होगा।

इस्लामाबाद में पाकिस्तान के विदेश विभाग की प्रवक्ता तसनीम असलम ने एक न्यूज ब्रीफिंग में कहा कि भारत कश्मीर घाटी में बाहरी लोगों को बसाकर जनसंख्या के स्वरूप को नहीं बदल सकता।

उन्होंने कहा कि समर्पित शहर बसाने या विशेष क्षेत्र बनाने की कोई भी कोशिश क्षेत्र के जनसांख्यिकी स्वरूप को बदल देगी जो संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के खिलाफ होगा।