हॉकी में देश के लिए ओलंपिक गोल्ड मेडल जीतना चाहती हैं वंदना

भारतीय महिला हॉकी टीम की सदस्य वंदना कटारिया को पूरी उम्मीद है कि भारतीय टीम ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर लेगी। इसके लिए टीम जी-तोड़ मेहनत भी कर रही है। यही नहीं वंदना देश को हॉकी में गोल्ड मेडल भी दिलाना चाहती हैं।
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वंदना साल की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनी गई हैं। एक प्रमुख हिंदी अखबार से बात करते हुए उन्होंने पिछले साल के अपने अनुभवो और भविष्य के सपनों के बारे में बताया।

पिछले साल दिल्ली में आयोजित महिला हॉकी वर्ल्ड लीग-2 में वंदना ने 11 गोल दाग कर खूब जलवा बिखेरा था। इसके लिए उन्हें टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था। हरिद्वार जिले के रोशनाबाद स्टेडियम से वंदना ने 12 साल पहले हॉकी के गुर सीखने शुरू किए थे और आज उनकी हॉकी स्टिक का जादू दुनियाभर में सिर चढ़कर बोल रहा है।

महिला हॉकी वर्ल्ड लीग-2 के पांच मैचों में वंदना ने ये 11 गोल किए थे, लेकिन फाइनल में चोट के कारण उन्हें बाहर रहना पड़ा था, जो उनके लिए दुखद क्षण रहा। 2014 उनके लिए शानदार साल रहा, इस साल उन्होंने एशियाई खेलों में ब्रॉन्ज मेडल भी जीता था।

वंदना ने एशियाई खेलों में 6 और इसी साल कामनवेल्थ गेम्स में चार गोल दागे थे। इसके अलावा उन्होंने अन्य अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट भी खेले। 124 अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच खेल चुकी वंदना ने अभी तक कुल 45 गोल किए हैं। फिलहाल वे चोट से उबर रहीं हैं। अब उनका लक्ष्य न्यूजीलैंड में होने वाले टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन के बाद जून में होने वाली महिला हॉकी वर्ल्ड लीग-3 में देश को गोल्ड मेडल दिलाना है।

सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के खिताब के साथ ही वंदना को पुरस्कार के तहत 22 लाख रुपये और एक स्मृति चिन्ह भी मिला है।