केजरीवाल का स्टिंग : प्रशांत-योगेंद्र को कहा कमीना…सा.., घटिया और बहुत कुछ

आम आदमी पार्टी की अंदरूनी कलह अब ‘तू-तू, मैं-मैं’ से काफी आगे निकल गई है। पिछले दो दिनों में AAP नेताओं की ताबड़तोड़ प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शुक्रवार को अरविंद केजरीवाल का एक और नया टेप सामने आया है। इसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री को कई बार अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते हुए सुना गया।
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टेप में केजरीवाल ने बताया कि पिछले चार दिनों से प्रो. आनंद कुमार और रंजीत झा उनके सामने कई मांगें रख रहे थे। जब उनकी मांगें मान ली गईं, तो वे यह कहने लगे कि हम तो बार्गेनिंग कर रहे थे। यह कहते हुए केजरीवाल ने आपा खो दिया और अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे। यही नहीं, उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं को पार्टी से लात मारकर बाहर कर देना चाहिए।

शुक्रवार को सामने आए इस टेप में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। टेप में अरविंद केजरीवाल को यह भी कहते सुना गया कि वह आम आदमी पार्टी छोड़ देंगे और अपने 67 विधायक लेकर नई पार्टी बनाएंगे। इस टेप में केजरीवाल ने कहा कि उन्हें लगातार काम करने से रोका जा रहा है। इसलिए वह ‘आप’ छोड़ने का मन बना रहे हैं। अब वह इस मुद्दे पर बात नहीं करना चाहते। न ही योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, आनंद कुमार, रंजीत झा जैसे लोगों के साथ काम करना चाहते हैं।

टेप में ये बातें केजरीवाल ‘आप’ कार्यकर्ता उमेश सिंह से कर रहे हैं, जो उन्हें योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, आनंद कुमार के साथ काम करने के लिए मना रहा है। लेकिन उनका तर्क है कि ये वे लोग हैं, जो उन्हें दिल्ली चुनाव हराने के लिए काम कर रहे थे, वे उनके साथ काम नहीं कर सकते।

गुस्से में सारी हदें पार कर गए केजरीवाल, पढ़िए और क्या-क्या कहा
आम आदमी पार्टी में मची घमासान में ये ऑडियो टेप नया मोड़ ला सकता है। ये वो टेप है, जिसमें केजरीवाल ने अमर्यादित भाषा की सारी हदें पार कर दी हैं। उन्होंने अपने साथियों के लिए कमीना, सा… जैसे शब्दों का प्रयोग किया है। हालांकि, वो ये बातें एक पार्टी कार्यकर्ता से निजी तौर पर कर रहे थे, लेकिन अब इसका खुलासा हो गया है।

उमेशः लेकिन ये है सर कि आप बाहर रहेंगे तो चीजें कैसे होंगी, आप खुद ही बताइए।
केजरीवाल (बीच में काटते हुए)- हां तो बताओ… क्या करना चाहिए तुम्हारे हिसाब से।

उमेश- अब तो सर चीजें कहां तक पहुंची हैं ये तो कुछ आइडिया नहीं लग पा रहा है। लेकिन ये है कि मैं एक चीज बस जानता हूं कि आपमें वो कैपेबिलिटी है कि आप अगला बड़ा काम कर सकते हो। और ये भी देख रहा था कि कुछ लोगों की महती भूमिका आपके साथ हो सकती है। वो योगेंद्र, प्रशांत, आनंद सारे लोगों की.. और सब लोग आपको नेता मानते हैं इसमें भी मैंने कभी कोई दो राय नहीं पाया है।

उमेशः अब लीडर का मतलब है कि वो विभिन्न धारा के लोगों को खींचकर आकर्षित करके एक साथ लेकर चले।
केजरीवालः हां।

उमेशः अगर ये चीज डेवलप है और आपने कर ली तो मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि इस देश में वैक्यूम है। जो मोदी के बस की चीज नहीं है उसे आपने दिल्ली में हराके दिखा दिया। आप उससे बड़े नेता बनकर उभर सकते हो। जहां तक चुनाव या संगठन विस्तार की बात है.. ये सब चीजें जिस राज्य में जब चुनाव घोषित हो तब तय की जाए।
केजरीवालः हां।

उमेशः आप भरोसा रखो.. मैं उन लोगों से भी मिलता हूं.. कभी भी उन्होंने ये नहीं सोचा होगा कि अरविंद को हटाकर हमें लीडर बनना है। अरविंद को आगे करके वो सपोर्ट करना चाहते हैं और कुछ चीजों में मैं ये मानता हूं कि प्रशांत जी की जिद रहती है कि भाई ये चीजें हैं तो ऐसे चलनी चाहिए… लेकिन ये भी मैं जानता हूं कि आप इस लोकसभा चुनाव के पहले तक प्रशांत जी को कैसे मैनेज कर लेते रहे हैं।
केजरीवाल- हूं

उमेश सिंह- तो कहीं मुझे कोई प्रॉब्लम दिख नहीं रही है बहुत अच्छा है। लेकिन ये है कि बस अब आपको अलग रखे हैं शायद मुझे लग रहा है इसी लिए दिक्कत हो रही है। आप अपने को इनवॉल्व कीजिए प्लीज।

केजरीवाल – मैं इस लड़ाई-झगड़े के लिए नहीं आया था। मेरा कोई इंट्रेस्ट नहीं है इसमें आप प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव के साथ मिलकर काम कीजिए.. आपको मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं.. मैं इस लड़ाई-झगड़े के लिए नहीं आया था। अगर जरूरत पड़ी तो मैं आम आदमी छोड़कर अलग पार्टी बनाने की सोच रहा हूं.. आप लोग संभालिए आम आदमी पार्टी.. बहुत अच्छी टीम है प्रोफेसर आनंद कुमार..

पिछले चार दिन में प्रोफेसर आनंद कुमार और अजीत झा ने जो कमीनपंथी करी है… मतलब इतना कमीना। उन्होंने कहा कि आरटीआई लागू करो… हमने कहा ठीक है तैयार हैं बातचीत चल रही है, अभी दोनों गुटों में उन्होंने कहा वॉलिंटियर्स पार्टी में… सारी बातें उनकी मान ली। अब कल वो कहते हैं ये तो हम बारगेनिंग कर रहे थे हमारा इन चीजों में तो इंट्रेस्ट ही..

इतने कमीने हो तुमलोग क्या बारगेनिंग कर रहे हो तुम लोग, इतने घटिया किस्म के इंसान हो तुम लोग, जो कम कैपिबिलिटी वाली हमारी टीम कह रहे हो ना तुम लोग ये प्योर आदमी हैं हमारे। हमारे में क्षमता कम हो सकती है लेकिन हम दिल के काले नहीं है। ये लोग दिल के काले और ये लोग एक नंबर के कमीने लोग हैं तो आपको शुभकामनाएं उमेश।

उमेशः सर.. ऐसा मत समझिए
केजरीवालः नहीं-नहीं सुनिए। मेरे को इसके ऊपर अभी कोई और चर्चा नहीं करनी है इसलिए मैंने अलग कर रखा है, अब ये देख लेते हैं क्या करना है नहीं तो मैं 67 एमएलए लेकर अलग हो जाऊंगा.. आप लोग चलाइए आम आदमी पार्टी.. मेरे को कोई लेना-देना नहीं है आम आदमी पार्टी से।

उमेश- बात ये मेरी-आपकी नहीं है सर। बात इस देश की है…
केजरीवाल- ये क्या तमाशा है आपका कि सारे मिलकर चलो। उनसे जाकर बात करो ना.. उन सालों ने हराने में.. तुम्हारी अच्छी टीम जो कह रहे हो.. उन्होंने हराने में हमें कोई कसर नहीं छोड़ी दिल्ली चुनाव के अंदर.. उनको साथ लेकर चलें.. किसी और पार्टी में होते उनके पीछे लात मारकर पार्टी से बाहर निकाल देते सालों को.. कमीने लोग हैं वो एक नंबर के.. पता नहीं है तुम्हे वो लोग क्या हैं..

उमेश- सर इतना नजदीक से तो मैं नहीं देख पा रहा हूं..तो फिर मत बोलिए अगर नहीं देख पा रहे हैं तो ठीक है.. सॉरी सर अगर मेरी बात से…