हरीश रावत ने गंगा सफाई पर होने वाला पूरा खर्च केंद्र सरकार से मांगा

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य में गंगा की सफाई पर होने वाला पूरा खर्च केंद्र सरकार से मांगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को दिल्ली में हुई नमामि गंगे परियोजना की बैठक में शिरकत करने दिल्ली गए मुख्यमंत्री ने ये मांग की।
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मुख्यमेत्री ने प्रधानमंत्री के सामने उत्तरकाशी ईको सेंसिटिव जोन, जल विद्युत परियोजनाओं में आड़े आ रही पर्यावरणीय बाधा, पलायन और स्थानीय रोजगार आदि का भी जिक्र किया। सीएम ने कहा कि विकास परियोजनाओं पर समझौता कर प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति उत्तराखंड के योगदान का सम्मान करते हुए राज्य को भविष्य में होने वाली राजस्व हानि की उचित प्रतिपूर्ति भी की जानी चाहिए।

प्राकृतिक आपदा में गंगा नदी से संबंधित ढांचागत क्षति की लागत भी केंद्र सरकार को वहन करनी चाहिए। गंगा की अविरल धारा का निर्धारण भी शीघ्रता से किया जाए, क्योंकि ऐसा न होने से कई विकास कार्य लंबित हैं। स्वच्छता से जुड़े उपायों को करते समय केंद्र सरकार स्थानीय लोगों की भावनाओं और राज्य की विधिसम्मत मांगों पर भी उचित विचार करे।

रावत ने केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती से भेंट कर नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत केदारनाथ धाम में ढांचागत सुविधाओं के पुनर्स्थापन एवं पुनर्निर्माण के लिए 110 करोड़, 39 लाख रुपये की परियोजना को शीघ्र स्वीकृत कर धन आवंटन का अनुरोध किया।

राज्य की कार्ययोजना में मंदाकिनी नदी पर डाइवर्जन, संगम एवं उसके दोनों ओर घाटों का निर्माण, केदारपुरी के चारों ओर नदी तट पर आरसीसी की रिटेनिंग दीवार का निर्माण आदि शामिल हैं। सीएम ने प्रधानमंत्री को राज्य की कई समस्याएं गिनाकर केंद्रीय सहयोग की अपेक्षा की।