वीडियो कांफ्रेंसिंग में PM मोदी ने उत्तराखंड पर बात ही नहीं की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देशभर के मुख्यसचिवों से तो बात की लेकिन उत्तराखंड के मुख्य सचिव से मिले तक नहीं। उत्तराखंड के मुख्य सचिव एन. रविशंकर सचिवालय के अपने कमरे में बैठकर वीडियो कांफ्रेसिंग से जुड़े रहे, लेकिन राज्य से सीधे तौर पर जुड़े किसी भी मुद्दे पर चर्चा ही नहीं हुई।
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गौरतलब है कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सरकारों ने प्रधानमंत्री के साथ मुख्य सचिवों की होनी वाली सीधी बात पर ऐतराज जता इसे गलत परंपरा बताया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राज्यों के मुख्य सचिवों से हुई बातचीत का उद्देश्य ‘अंडर स्टैंडिंग ईच-अदर’ यानी सभी से आपसी समझदारी था। इसके बावजूद प्रधानमंत्री न तो उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से जुड़े किसी मुद्दे को लेकर बोले और न ही मुख्य सचिवों से कोई बात की।

प्रधानमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से डेढ़ घंटे तक विभिन्न राज्यों के मुख्य सचिवों से कई मुद्दों पर चर्चा कर निर्देश जारी किए। प्रधानमंत्री ने दिल्ली में बैठकर जन समस्याओं के समाधान के लिए प्रगति पोर्टल का भी शुभारंभ किया। उन्होंने वीडियो कांफ्रेसिंग से केंद्रीय सचिवों और राज्यों के मुख्य सचिवों से सूखा, किसानों के ऋण, कर्मचारियों की पेंशन, आदि विषयों पर बात की।

प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों से गर्मियों की छुट्टियों के दौरान सभी स्कूलों में शौचालय बनाने की अपेक्षा की। साथ ही स्वच्छता अभियान में भी और तेजी लाने के लिए कहा है। मोदी अपने स्वभाव के अनुरूप वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में हल्के-फुल्के अंदाज में ही नजर आए। राजस्थान के मुख्य सचिव सीएस राजन के बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि आपके पिता ने तो बचपन में ही आपका नाम सीएस रख दिया। मुख्य सचिव पीएम के अचानक पूछे जाने पर कुछ असहज तो हुए लेकिन जैसे पीएम ने कहा अरे मजाक कर रहा था तो सामान्य हुए।