ग्रामीण पर्यटन पर जोर, सुंदर गांवों का विकास कर सैलानियों को लुभाया जाएगा

अल्मोड़ा।… जिले में प्राकृतिक सौंदर्य की अलग ही छटा बिखेरने वाले गांवों को पर्यटन ग्राम क्लस्टर योजना से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। ग्रामीण पर्यटन उत्थान योजना के तहत ऐसे गांव चिन्हित किए जा रहे हैं, जो पर्यटन की दृष्टि से खूबसूरत हैं।
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स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के मकसद से इस योजना की शुरुआत की जा रही है। गांव में रहने वाले लोगों की वित्तीय और सामाजिक अवधारणा को जागृत कर पर्यटकों और ग्रामीणों के बीच सामंजस्य पैदा किया जाएगा। ताकि ग्रामीण इलाकों की ओर ज्यादा से ज्यादा पर्यटक आएं।

चिन्हित किए जाने वाले गांवों में योजना लागू होने के बाद ग्रामीणों को फोटो, वीडियोग्राफी, होटल उद्योग, कौशल विकास, अंग्रेजी भाषा का ज्ञान और अतिथि सत्कार की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

पर्यटन ग्राम क्लस्टर योजना का लाभ तीन चरणों में मिलेगा। सबसे पहले ग्रामीण इलाकों में समूह विकसित किए जाएंगे। समूह में न्यूनतम तीन और अधिकतम दस गांव शामिल होंगे। दूसरे चरण में एकल पर्यटक गांवों का विकास होगा। जबकि तीसरे चरण में व्यक्तिगत रूप से योजना से जुड़ने के इच्छुक लोग लाभान्वित होंगे।

योजना को धरातल पर उतारने के लिए एक समिति का गठन भी किया जाएगा। इस समिति के अध्यक्ष डीएम और सचिव पर्यटन अधिकारी होंगे। समिति में दो सदस्यों को भी नॉमिनेट किया जाएगा।

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इस तरह से होगा चिन्हित गांवों का विकास

  • पर्यटकों के रहने के लिए निजी क्षेत्र में होम स्टे योजना
  • स्थानीय ट्रैक रूट और नेचर ट्रेल का विकास
  • सॉलिड वेस्ट तथा सीवरेज मैनेजमेंट सुधार कार्य
  • एडवेंचर स्पोर्ट्स और वाटर स्पोर्ट्स का आयोजन, उपकरणों की खरीददारी
  • स्वागत केंद्र, पेयजल, रेन सैल्टर, व्यू प्वाइंट, रंगमंच और आवासीय मकानों का निर्माण

अल्मोड़ा के जिला पर्यटन अधिकारी केएस रावत के अनुसार ग्रामीण इलाकों को पर्यटन से जोड़ने के लिए गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं। पर्यटन ग्राम क्लस्टर योजना के तहत रानीखेत क्षेत्र के दो गांवों का चयन किया गया है। जिनके लिए 50-50 लाख रुपये का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया। जागेश्वर और कसार देवी इलाकों में भी कुछ गांवों का चयन करने के बाद उनके प्रस्ताव भारत सरकार को भेज दिए गए हैं।