सावधान ! आपकी जरूरी जानकारी चुरा रहा है स्मार्टफोन

न्यूयार्क: स्मार्टफोन पर किसी नए एप्प को डाउनलोड करते वक्त यदि आप नियम एवं शर्तों को बगैर पढ़े स्वीकार कर लेते हैं तो अब सावधान हो जाइए। क्योंकि ये सभी एप्प आपकी निजी सूचनाएं चुरा कर किसी और के हाथों में पहुंचा देती हैं। शर्तों को एक बार ढंग से पढ़ें तो आपको समझ आ जाएगा कि एप्प की शर्तों में तीसरे पक्ष को आपकी सूचनाएं देने की शर्त भी शामिल रहती है।

एक ताजा अध्ययन के अनुसार, इन नए एप्प से मिलने वाली सूचनाओं का प्रवाह इतना ज्यादा रहता है कि अधिकांश स्मार्टफोन उपयोगकर्ता इससे लगभग ‘भयभीत’ रहते हैं या ‘अनपेक्षित’ मानते हैं। कार्नेगी मेलोन विश्वविद्यालय में किए गए एक प्रयोग में पता चला कि जैसे ही लोगों को पता चलता है कि उनकी निजी सूचना को कितनी बार साझा किया गया तो वे तुरंत अपनी सूचना साझा करने पर रोक लगा देते हैं।

प्रयोग के एक चरण में स्वीकृति प्रबंधन एप्प के उपयोग के लाभ का मूल्यांकन किया गया है। यह एप्प मोबाइल उपयोगकर्ता को इस बात का नियंत्रण देती है कि वह खुद से जुड़ी कौन-सी सूचनाएं एप्प के जरिए साझा करना चाहते हैं।

प्रयोग के दौरान 23 स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं को प्रतिदिन एक संदेश या निजी सूचना साझा होने से संबंधित संदेश मिला। इस संदेश में उपयोगकर्ताओं को बताया गया कि उनकी भौगोलिक स्थिति, कॉन्टेक्ट लिस्ट या कॉल करने से जुड़ी सूचनाएं कितनी बार साझा की गईं। अध्ययन के लिए एंड्रॉयड 4.3 पर चलने वाले एप्प ‘एपउप्स’ का उपयोग किया गया।

इनमें से कुछ संदेश तो जैसे चेतावनी देने वाले थे। उदाहरण स्वरूप एक संदेश था- “आपकी भौगोलिक स्थिति को पिछले 14 दिनों में फेसबुक, ग्रुपऑन, गो लांचर एक्स एवं सात अन्य एप्प पर 5,398 बार साझा किया गया।” मोबाइल उपयोगकर्ताओं से लिए गए इंटरव्यू में कुछ उपयोगकर्ताओं ने कहा कि उनसे जुड़ी सूचनाएं साझा करने की गति हैरान करने वाली हैं।

एक प्रतिभागी ने कहा, “मुझे ऐसा लगने लगा है जैसे मेरा पीछा मेरा अपना ही फोन कर रहा हो। यह भयावह है। यह आंकड़े बहुत ज्यादा हैं।” एक अन्य प्रतिभागी ने कहा, “मुझसे जुड़ी सूचनाएं साझा करने की संख्या (356 बार) बहुत अधिक है, जिसकी मुझे अपेक्षा तक नहीं थी।”

यह अध्ययन दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में अगले महीने होने वाले ‘कम्प्यूटर ह्यूमन इंटरैक्शन’ (सीएचआई)-2015 सम्मेलन में प्रस्तुत किया जाएगा।