उपचुनावः नामांकन से पहले ही ‘उम्मीदवार’ को मिला राज्यमंत्री का दर्जा

सुरेंद्र राकेश के निधन से खाली हुई भगवानपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर देहरादून में सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। इस सीट के लिए नामांकन प्रक्रिया के बीच विशेष रूप से कांग्रेस में स्थितियां उलझती-सुलझती रहीं।

उत्तराखंड की हरीश रावत सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे सुरेंद्र राकेश की पत्नी ममता राकेश को कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चाओं के बीच पार्टी के नेता मास्टर सतपाल ने सोमवार को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर नामांकन दाखिल किया।
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इस बीच ममता ने कहा कि कांग्रेस उन्हें टिकट देती है तो वह चुनाव लड़ेंगी। जैसे-जैसे दिन गुजरा अटकलें और जोर पकड़ने लगीं। शाम होते-होते खबर मिली कि सुरेंद्र राकेश के चाचा व निर्दलीय पर्चा भर चुके मास्टर सतपाल और ममता राकेश को राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया गया। इस तरह से एक बार फिर कांग्रेस उम्मीदवार का पेच फंस गया है।

कयास लगाया जाने लगे कि कांग्रेस उम्मीदवार इनमें से कोई नहीं बल्कि कोई तीसरा की व्यक्ति होगा। हालांकि सोमवार शाम कांग्रेस के प्रदेश सह-प्रभारी संजय कपूर ने कहा कि ममता राकेश के नाम पर पार्टी में सहमति बन गई है। वह मंगलवार को नामांकन करेंगी। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने इसकी पुष्टि नहीं की।

स्थानीय कांग्रेस नेता भी शुरुआत से ही कह रहे थे कि ममता राकेश और मास्टर सतपाल दोनों से नामांकन करवाया जाएगा। गौरतलब है कि कांग्रेस के करीबी सुरेंद्र राकेश बसपा से निलंबित थे। मास्टर सतपाल 2012 के चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर सुरेंद्र राकेश के खिलाफ चुनाव लड़े थे।

सुरेंद्र राकेश के भाई सुबोध राकेश भी यहां से टिकट के दावेदार हैं। संजय कपूर के दावे के बावजूद कांग्रेस के कुछ सूत्र दावा कर रहे हैं कि सतपाल और ममता को पद देकर मनाने की कोशिश की गई है, ताकि सुबोध को टिकट दिए जाने की स्थिति में हंगामा न हो। बसपा यहां से उम्मीदवार नहीं उतारेगी।

बीजेपी ने यहां से अपना उम्मीदवार तय कर लिया है। पार्टी ने रुड़की बीजेपी के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह को इस सुरक्षित सीट से उम्मीदवार बनाया है। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने कहा कि राजपाल मंगलवार को नामांकन दाखिल करेंगे। 24 मार्च नामांकन का आखिरी दिन है। मतदान 11 अप्रैल को होगा।

भगवानपुर में उम्मीदवार तय करने की सियासी सरगर्मी के बीच सोमवार को दिवंगत सुरेंद्र राकेश के दो परिजनों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया। मुख्य सचिव एन. रविशंकर की ओर से जारी आदेश के मुताबिक सुरेंद्र राकेश की पत्नी ममता राकेश को राज्य महिला कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष और मास्टर सतपाल को राज्य समाज कल्याण परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया है। उनके उपाध्यक्ष पद पर रहने तक राज्यमंत्री दर्जा बरकरार रहेगा।

बीजेपी चुनाव प्रक्रिया के बीच भगवानपुर निर्वाचन क्षेत्र से ही दो-दो राज्यमंत्री बनाए जाने को आचार संहिता का उल्लंघन मान रही है। पार्टी नेता प्रकाश सुमन ध्यानी के मुताबिक बीजेपी इस मामले की शिकायत चुनाव आयोग से करेगी।