फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिडकुल में बना मैनेजर, गिरफ्तार

उत्तराखंड में करीब आठ साल पहले फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिडकुल में परियोजना प्रबंधक के पद पर नियुक्ति पाने वाला शातिर आखिरकार पुलिस के शिकंजे में फंस गया। महाराष्ट्र पुलिस ने उसे पूणे स्थित आवास से गिरफ्तार किया है।

साल 2007 में सिडकुल के सहायक महाप्रबंधक एन.के. कोरंगा ने परियोजना प्रबंधक रक्षित जैन के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने का मुकदमा थाना डालनवाला में दर्ज कराया था। जैन को उसी साल नियुक्ति दी गई थी।

फरवरी से सितंबर 2007 तक फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आने के बाद इस मामले का खुलासा हुआ था। भ्रष्टाचार के करीब 55 से ज्यादा मामलों की विभागीय जांच में यह बात सामने आई कि रक्षित जैन ने महाप्रबंधक पद पर फर्जी दस्तावेजों से नियुक्ति पाई थी।

गिरफ्तारी की भनक लगते ही वह अक्टूबर 2007 में राजपुर रोड स्थित आवास से फरार हो गया था। रक्षित कैंट रोड पर स्थित सिडकुल मुख्यालय में तैनात था। हाल ही में डीजीपी बीएस सिद्धू के निर्देश पर पुलिस ने फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी का अभियान शुरू किया था। इसी बीच जैन के पूणे में होने की सूचना मिली थी। दून पुलिस की सूचना पर महाराष्ट्र पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अब उसे दून लाया जा रहा है।