जिसे दिया सहारा, वही निकला जिगर के टुकड़े का हत्यारा

उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी देहरादून की मद्रासी कॉलोनी से गायब हुई 8 वर्षीय भगवती के बारे में सुराग हाथ लगा है। 16 मार्च को अचानक गायब हुई भगवती की तलाश अंतत: दर्दनाक अंजाम पर खत्म हुई।
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12वीं कक्षा में पढ़ने वाले भगवती के रिश्ते के मामा ने ही चंद रुपयों की खातिर उसकी हत्या कर दी थी। हालांकि बच्ची का शव अभी तक बरामद नहीं हो पाया है। जुए में हारने के बाद मामा ने 5-10 हजार रुपये के लिए उसे किडनैप कर लिया था।

शहर में लक्खीबाग चौकी क्षेत्र की मद्रासी कॉलोनी निवासी छोले विक्रेता अनोखे लाल की आठ साल की बेटी भगवती उर्फ भागो 16 मार्च शाम छह बजे घर के बाहर खेलते हुए अचानक गायब हो गई थी। कई दिन की माथापच्ची के बाद पुलिस को पास में ही रहने वाले रिश्ते के मामा धन सिंह (19) पर शक हुआ।

शनिवार सुबह पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो आरोपी टूट गया। उसने भगवती की हत्या कर शव को रेलवे लाइन के पास फेंकने की बात कबूल ली है। देर रात तक पुलिस और एसओजी टीम आरोपी को लेकर घूमती रही, लेकिन शव नहीं मिल पाया।

कोतवाली इंस्पेक्टर एसएस बिष्ट ने बताया कि इंटर में पढ़ने वाला धन सिंह जुए में 20 हजार रुपये हार गया था। इसीलिए धन सिंह ने भगवती को कुछ देर गायब कर जीजा अनोखे लाल से 5 से 10 हजार रुपये वसूलने की योजना बनाई थी। उसे पता था कि अनोखे लाल अपनी छोटी बेटी भगवती को बहुत प्यार करता है।

भगवती को पांच रुपये का लालच देकर वह अपने साथ ले गया था। बच्ची को एक जगह पर बैठाकर वह उस रात घर भी आया था, लेकिन किडनैपिंग का हल्ला मचने से वह घबरा गया। इसके बाद उसने बच्ची की हत्या कर शव फेंक दिया। धन सिंह अनोखे लाल की सास के भाई का बेटा है। आरोपी और पीड़ित परिवार मूल रूप से बरेली निवासी बताए जा रहे हैं।

अपहरण के बदले रकम मांगने के लिए आरोपी ने फर्जी आईडी पर एक मोबाइल सिम भी खरीद लिया था। वह इसका इस्तेमाल नहीं कर पाया, पुलिस ने उससे सिम भी बरामद कर लिया है। धन सिंह के पिता की बचपन में ही मौत हो गई थी। इस बेसहारा परिवार को अनोखे लाल ने ही सहारा दिया था। उन्होंने धन सिंह को बाइक भी खरीदकर दी थी।

बेटी की हत्या में उसके शामिल होने से पूरा परिवार सकते में हैं। पिता अनोखे लाल का कहना था कि अपने ने ही उन्हें खून के आंसु रुला दिए। अब यही कामना है कि किसी तरह बेटी के अंतिम दर्शन हो जाएं। पिता अनोखे लाल ने बेटी भगवती को बेटे की तरह पाला था। पांच बच्चों में सबसे छोटी भगवती पिता की लाडली थी।