FRI परिसर में पिंजरे में कैद हुआ गुलदार, एक को शिकारियों ने मारा

उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी देहरादून के वन अनुसंधान संस्थान (FRI) में पिछले कुछ दिनों से दहशत का सबब बन गया दूसरा गुलदार भी वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया है। नर गुलदार को वन विभाग ने बड़कोट रेंज के घने जंगल में छोड़ दिया है। जिले में दो दिन के भीतर गुलदार के पिंजरे में फंसने की यह दूसरी घटना है।
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गुरुवार को राजाजी नेशनल पार्क के खांडगांव में भी एक गुलदार पकड़ा गया था। उसे हरिद्वार के चिड़ियापुर स्थित रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया था। FRI परिसर में 14 मार्च को बंगला नंबर नौ के पास रहने वाली किशोरी को एक गुलदार ने मार डाला था। सोमवार को शिकारियों ने इस मादा गुलदार को गोली मार दी थी।

लेकिन संस्थान परिसर में रहने वालों की दहशत कम नहीं हुई। इसका कारण यह था कि यहां एक और गुलदार लगातार देखा जा रहा था। वन विभाग ने गुरुवार को ही परिसर में लगे पिंजरों की जगह बदली थी। शुक्रवार सुबह यह गुलदार पिंजरे में फंस गया। उसकी दहाड़ें सुन ग्रामीण, संस्थान कर्मी जुट गए। FRI के निदेशक पीपी भोजवैद, डीएफओ सुशांत पटनायक भी कर्मचारियों संग पहुंच गए। पिंजरा बंद होने के दौरान गुलदार के पैर पर चोट लग गई थी।

डीएफओ पटनायक ने बताया कि घाव ज्यादा गहरा नहीं था। बाद में पिंजरे को एक वाहन में लादकर बड़कोट रेंज ले जाया गया। वहां घने जंगल में गुलदार को छोड़ दिया गया। पकड़े गए नर गुलदार को लेकर संस्थान परिसर में चर्चाओं का दौर चलता रहा। आशंका जताई जाती रही कि यह गुलदार समीक्षा राणा की जान लेने वाली मादा गुलदार का ही साथी था।

FRI परिसर में मादा गुलदार के मारे जाने और इस नर गुलदार के पकड़े जाने के बाद दहशत कुछ कम जरूर हुई है, लेकिन आतंक का खात्म नहीं हुआ है। दरअसल, वन विभाग खुद भी यह स्पष्ट कर चुका है कि संस्थान परिसर के जंगल में चार-पांच गुलदार चिन्हित किए गए थे। ऐसे में अब भी यहां दो-तीन गुलदार होने की आशंका है।