हरिद्वारः बेकरी में ब्लास्ट से अफरा-तफरी, 7 घायल

हरिद्वार के पुराना रानीपुर मोड़ से कुछ ही दूरी पर स्थित महाराजा बेकरी में गुरुवार दोपहर बाद विस्फोट से पूरा इलाका दहल गया। व‌िस्फोट में बेकरी के एक ग्राहक समेत 7 कर्मचारी घायल हो गए। हालत गंभीर होने पर एक कर्मचारी को जौलीग्रांट रैफर किया गया। विस्फोट शाम करीब पौने चार बजे हुआ।

माना जा रहा है कि ग्राउंड फ्लोर में बने गोदाम में गैस पाइप लीक होने के कारण विस्फोट हुआ है। पुलिस विस्फोटकांड की जांच में जुटी है। गुरुवार शाम उस समय महाराजा बेकर्स के कुछ कर्मचारी वर्कशॉप में काम कर रहे थे जबकि कुछ रिटेल काउंटर पर थे। कुछ कर्मचारी ग्राउंड फ्लोर में बने गोदाम में थे। तभी अचानक हुए तेज धमाके से अफरा तफरी मच गई। घटना के वक्त दुकान में ग्राहक भी मौजूद थे।

धमाका सुनते ही सब बाहर की ओर भागे। अपने केबिन में बैठे बेकरी मालिक पिंकी ग्रोवर ने भी बाहर की तरफ दौड़ लगा दी। पल भर में बेकरी के अगले हिस्से के शीशे, वॉल सिलिंग से लेकर काउंटर तक तहस नहस हो गए। यही नहीं पिछले हिस्से की दीवार भी पूरी तरह ढह गई।

आनन फानन में घायल कर्मचारी राजू, सतीश, रोहित, राजीव चौधरी, रमेश, राजेश एवं ग्राहक चेतन पाठक को पास के ही सिटी अस्पताल में ले जाया गया। जहां से हालत गंभीर होने पर राजू को जौलीग्रांट अस्प्ताल ले जाया गया। घटना की खबर मिलते ही सीओ सिटी चंद्रमोहन सिंह, सीएफओ मधुसुदन शर्मा, एसएसआई विद्याभूषण सिंह नेगी पहुंच गए। आनन फानन में क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर बेकरी की बिजली काटी गई। मुख्य अग्निश्मन अधिकारी मधुसुदन शर्मा ने बताया कि पहली नजर में लगता है कि गैस पाइप लाइन के लीक होने के कारण विस्फोट हुआ है। घटना की जांच की जा रही है।

महाराजा बेकर्स में हुए विस्फोट से आसपास का पूरा इलाका दहल उठा। विस्फोट की आवाज सुनते ही दुकानों, ऑफिसों में बैठे लोग अचानक बाहर की ओर दौड़ पड़े। विस्फोट से दुकान के शीशे और सामान सड़क पर आ गिरा। गनीमत रही क‌ि कोई राहगीर इसकी चपेट में नहीं आया। बेकरी की दीवारों पर विस्फोट के निशान साफ तौर पर देखे जा सकते हैं।

यहां खरीददारी करने आए हरदेव मोटर्स के मालिक सौरण सिंह की बाहर खड़ी कार के भी शीशे टूट गए और छत दब गई। उनके मुताबिक दो छोटे बच्चों को उन्होंने बाहर निकाला था वे सुरक्षित थे। उन्होंने कहा कि उन्हें समझ में ही नहीं आया कि क्या हुआ। महामाया एजुकेशन इंस्टीट्यूट के संचालक मनीष गुप्ता की माने तो उनके कार्यालय तक पूरी गूंज सुनाई दी। वे तुरंत बाहर की तरफ दौड़े।