भारत का कतरा-कतरा कैमरे में कैद करने लायक : जॉन मैडेन

मुंबई,

भारत की समृद्ध संस्कृति, जोश और अव्यवस्थित शहरी जीवन विदेशी फिल्मकार जॉन मैडेन के लिए चुंबक साबित हुआ। उन्होंने अपनी दो फिल्में ‘द बेस्ट इग्जॉटिक मैरीगोल्ड होटल’ और इसका सीक्वल यहीं फिल्माया है। वह कहते हैं कि इस देश का कतरा-कतरा फिल्माने लायक है।

उनकी ‘द बेस्ट इग्जॉटिक मैरीगोल्ड होटल’ की सीक्वल शुक्रवार को भारत में रिलीज हो रही है। फिल्म में लिलेट दुबे, टीना देसाई और भारतीय मूल के ब्रिटिश अभिनेता देव पटेल जैसे कलाकार हैं। मैडेन ने मुंबई में भारत के प्रति अपनी आसक्ति के बारे में बात की।

 

उन्होंने कहा, “यह देश सांस्कृतिक रूप से बहुत अलग है। यह वह रंग हैं, जो राजस्थान को परिभाषित करते हैं, लेकिन इसमें एक ऊर्जा भी है, जो बहुत प्रबल है।” मैडेन की ये दोनों फिल्में बड़े पैमाने पर जयपुर और उदयपुर में फिल्माई गई हैं।

 

65 वर्षीय मैडेन यहां अपनी फिल्म का प्रचार करने आए हैं। उन्होंने कहा, “यह फिल्म राजस्थान के अव्यवस्थित शहरी जीवन के बारे में है। मैं उससे बहुत प्रभावित हुआ हूं। मेरा कहने का मतलब यह है कि आप किसी भी चीज को कैमरे में उतार सकते हैं और आप भारत में कुछ दिलचस्प पाएंगे।”

मैडेन ने अपनी फिल्म ‘शेक्सपियर इन लव’ के लिए एकेडमी अवॉर्ड जीता है। उन्होंने ‘द बेस्ट इग्जॉटिक मैरीगोल्ड होटल’ के सीक्वल में भारत के रोजमर्रा के जीवन को कैद किया है। वह कहते हैं कि भारत के साथ उनका रिश्ता मजबूत हो गया है।

मैडेन ने कहा, “मैं इसे बेहतर तरह से समझता हूं…यह देश स्फूर्तिदायक, जोशपूर्ण और ब्रिटिश जीवन व पश्चिमी जीवनशैली को चौंकाने वाला है।”