गंदा पानी पीने से नवोदय विद्यालय में 84 बच्चों को हुआ डायरिया

गदेरे का गंदा पानी पीने से अल्मोड़ा जिले के चौनलिया स्थित राजीव नवोदय विद्यालय में डायरिया फैल गया है। तीन दिन के भीतर 84 बच्चे इस संक्रामक बीमारी की चपेट में आ गए हैं।
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खबर है कि दो दिन तक विद्यालय प्रशासन ने अभिभावकों और जिला प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं दी। हालात गंभीर होने पर मंगलवार सुबह विद्यालय प्रशासन ने एसडीएम भिकियासैंण को डायरिया फैलने की खबर दी।

सूचना पर भिकियासैंण के एसडीएम एनएस नबियाल डॉक्टर लेकर स्कूल पहुंचे और बच्चों का इलाज शुरू किया गया। दोपहर बाद डीएम विनोद कुमार सुमन और मुख्य शिक्षाधिकारी एके सिंह ने भी नवोदय विद्यालय का जायजा लिया। अब तक 25 बीमार बच्चों को अभिभावक हॉस्टल से घर ले जा चुके हैं। इसमें से कुछ छात्रों की परीक्षा भी चल रही हैं।

जानकारी के मुताबिक विद्यालय के हास्टल में रविवार सुबह से कई बच्चों को उल्टी, दस्त और तेज बुखार आ रहा था। सोमवार सुबह जब चार बच्चों की सेहत ज्यादा खराब होने लगी तो 108 एंबुलेंस से टीचर उनको प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भतरौंजखान ले गए, लेकिन वहां भी डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे।

हऊली स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. नंद लाल शुक्ला को इलाज के लिए बुलाया गया, लेकिन उनके पास भी पर्याप्त दवाइयां नहीं थी। बच्चों को कुछ दवाइयां देकर हॉस्टल भेजा गया। बच्चों की हालत गंभीर होने पर मंगलवार सुबह स्कूल प्रशासन ने एसडीएम भिकियासैंण को इसकी जानकारी दी।

डायरिया फैलने की जानकारी मिलते ही कई अभिभावक बच्चों को लेने स्कूल पहुंच गए। दोपहर तक 25 बच्चों को अभिभावक घर ले जा चुके थे। एसडीएम एनएस नबियाल ने बताया कि भिकियासैंण के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पीयूष रंजन ने बच्चों का इलाज किया।

शाम साढ़े चार बजे राजकीय अस्पताल रानीखेत के डॉ. आरएस सागर के नेतृत्व में पहुंची डॉक्टरों की टीम ने भी बच्चों का इलाज किया। प्रधानाचार्य मनोज कांत उपाध्याय ने बताया कि बच्चों के बीमार होने की सूचना मिलने के बाद उन्होंने सोमवार को ही भतरौंजखान अस्पताल में बच्चों का इलाज कराया। मंगलवार को भी बीमार बच्चों को 108 एंबुलेंस से भतरौंजखान अस्पताल ले जाया गया था।

मंगलवार सुबह जब कुछ अभिभावक पत्रकारों के साथ स्कूल पहुंचे तो विद्यालय प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। विद्यालय प्रशासन के पास बीमार बच्चों की सही संख्या तक नहीं थी। स्कूल प्रशासन ने भिकियासैंण के प्रभारी चिकित्साधिकारी को 8 से 10 बच्चों के बीमार होने की सूचना दी थी, इससे वह भी पूरी तैयारी के साथ नहीं पहुंच पाए।

गौरतलब है कि उत्तराखंड टुडे ने कुछ ही दिन पहले मुख्यमंत्री को संबोधित करने हुए स्कूल में पानी की कमी और गदेरे के गंदा पानी पीने की मजबूरी की खबर दी थी.