राज बब्बर की राज्यसभा उम्मीदवारी के खिलाफ AAP

कांग्रेस ने राज बब्बर को उत्तराखंड से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है. इस फैसले का कांग्रेस के अंदर तो दबी जुबान में विरोध हो ही रहा है, अन्य पार्टियां भी जमकर विरोध कर रही हैं. इस विरोध में अब आम आदमी पार्टी (AAP) भी शामिल हो गई है.

 

पार्टी नेता अनूप नौटियाल ने इसे उत्तराखंड के लिए दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया. उनका कहना है कि एक ओर तो राज्य सरकार विकास कार्यों में उत्तराखंडवासियों की भागीदारी बढ़ाने की बात करती है वहीं दूसरी ओर पैराशूट प्रत्याशी को राज्य पर थोपा जा रहा है.
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नौटियाल ने कहा, राज्य की जनता के साथ राजनीति के नाम पर धोखे का खेल बंद होना चाहिए. उत्तराखंड की राज्य सभा सीट के लिए राज बब्बर को लाया जाना राज्य की जनता की भावनाओं से खिलवाड़ है. राज बब्बर को उत्तराखंड की जनता की जरूरतों और विकास कार्यों को समझने में जितना समय लगेगा राज्यवासी विकास से उतने पीछे छूटते जाएंगे.
नौटियाल ने कहा कि उत्तराखंड राज्य बनाने में हर वर्ग ने योगदान दिया और जब सम्मान देने का मौका आता है तो उन्हें भुला दिया जाता है. राज्य सरकार कुर्सी बचाने के लिए राज्य के विकास और जनता की भावनाओं की पूरी तरह से अनदेखी कर रही है.

 

राज बब्बर के नामांकन को लेकर बुधवार को दो आपत्ति दर्ज कराई गई थीं. राज्य सभा चुनाव के रिटर्निंग अफसर और विधानसभा सचिव जगदीश चंद्र ने दोनों ही आपत्तियों को खारिज कर दिया. 13 मार्च को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज बब्बर को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया जाएगा.

 

कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर मंगलवार को नामांकन कराने वाले नेता-अभिनेता राज बब्बर के नामांकन पत्र में नोटरी का स्टांप पेपर न होने और उनके आगरा और मुंबई दो जगहों की मतदाता सूची में नाम को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई थीं.

 

रिटर्निंग अफसर का कहना है कि शिकायतों पर गंभीरतापूर्वक विचार करने के बाद उसे खारिज किया गया है. साथ ही एक मात्र उम्मीदवार राज बब्बर के नामांकन पत्र को सही पाया गया है. नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उन्हें निर्वाचित घोषित किया जाएगा.