बिना सुनवाई सूली पर चढ़ा दो मुझेः काटजू

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और अमर स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस पर पहले तो सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने विवादास्पद बयान दिया. अब राज्यसभा ने उनके इस बयान पर एक स्वर में निंदा प्रस्ताव पारित किया तो उन्होने कहा कि ‘मात्र निंदा’ काफी नहीं है, उन्हें तो सुनवाई के बगैर सूली पर चढ़ा दिया जाना चाहिए. न रहेगी बांस… न बजेगी बांसुरी.
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काटजू ने कहा, ‘एक शानदार खबर है. राज्यसभा ने मेरे खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया है. लेकिन यह पर्याप्त नहीं है. मैंने जो कुछ भी कहा है उसके लिए मात्र निंदा पर्याप्त नहीं है.’ एक नए ब्लॉग में सुप्रीम कोर्ट के इस पूर्व जज ने लिखा कि ‘मेरा राज्यसभा के माननीय सदस्यों (जाहिर है, उनके पास विचारों की कमी है) को एक विनम्र सुझाव है. मेरे भारत लौटते ही उन्हें एक प्रस्ताव पारित करना चाहिए. मुझे गिरफ्तार कर सूली पर टांग देना चाहिए. बिना किसी सुनवाई है. न रहे बांस… न बजे बांसुरी.’

काटजू ने आगे लिखा, ‘कुछ लोग चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज होने के नाते मुझे मिल रही सुविधाएं और भत्ते वापस ले लेने चाहिए. लेकिन इसके लिए भी उन्हें नियमों में संशोधन करना होगा. क्योंकि इस सब के बावजूद मैं सुप्रीम कोर्ट का रिटायर जज हूं.’