BHEL ने हरिद्वार में बनाया सबसे बड़ा जेनरेटर

भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (Bhel) हरिद्वार ने 800 मेगावाट का सुपर क्रिटिकल जेनरेटर बनाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. इस जेनरेटर से 6 लाख घरों में बिजली की आपूर्ति की जा सकती है.

इस जेनरेटर के निर्माण में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. इस जनरेटर में पहली बार कॉपर की जगह स्टील के हॉलो कंडक्टर्स का प्रयोग किया गया है. खास बात यह है कि डिजाइन, निर्माण और टेस्टिंग का पूरा काम भेल की हरिद्वार इकाई में ही किया गया है.

यह जनरेटर कर्नाटक पावर कॉरपोरेशन के रायचूर स्थित येरामरुस थर्मल पावर प्रोजेक्ट के लिए बनाया गया है. स्वदेशी तकनीक से बने इस जेनरेटर का ‌पूरा निर्माण पूरी तरह देश के अंदर ही किया गया है. भेल के महाप्रबंधक (विद्युत मशीन) अनिल कपूर ने कहा कि यह जेनरेटर अब तक देश के अंदर बनाए गए जनरेटर में से सबसे ज्यादा क्षमता वाला है.

महाप्रबंधक (लाजिस्टिक्स) राजीव भटनागर ने बताया कि 800 मेगावाट का जनरेटर 6 लाख घरों में बिजली आपूर्ति की क्षमता का है. उन्होंने बताया कि भेल ने एक हजार मेगावाट तक के जनरेटर के निर्माण एवं टेस्टिंग की तकनीक विकसित कर ली है.

बुधवार को भेल के निदेशक टीएन वीराराघवन और कार्यपालक निदेशक प्रकाश चंद ने हरी झंडी दिखाकर जनरेटर को कर्नाटक के लिए रवाना किया.