राज्यपाल ने उत्तराखंड विधानसभा में की पक्ष-विपक्ष की ‘बोलती बंद’

उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत में राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल ने बुधवार को इतिहास रच दिया. एक तो ये कि राज्यपाल के अभिभाषण को पक्ष-विपक्ष ने बिना शोर-शराबे से पूरी तल्लीनता से सुना और दूसरा ये कि डॉ. कृष्णकांत पाल पहले ऐसे राज्यपाल बन गए जिन्हें विधानभवन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.
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पिछले कुछ सालों से विधानसभा में विपक्ष की ओर से राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध जताने की एक परंपरा सी बन गई थी. कांग्रेस ने भी यही किया था और इसके बाद बीजेपी भी यही करती हुई दिख रही थी. एक बार तो अभिभाषण का बहिष्कार तक किया गया था.

सदन में अभिभाषण की प्रतियां लहराना, नारेबाजी का माहौल ही अभिभाषण के दौरान दिखता था. लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. कुल 55 मिनट के अभिभाषण में पक्ष और विपक्ष की ओर से एक शब्द भी नहीं बोला गया. अभिभाषण खत्म होने के बाद जरूर विपक्ष ने सरकार का विरोध जताया पर यह भी कुछ क्षणों के लिए ही था.

खादी वस्त्रों पर छूट का जिक्र करते हुए राज्यपाल कुछ क्षणों के लिए रुके भी. शायद इस उम्मीद में की सत्ता पक्ष के सदस्य ही मेज थपथपा कर स्वागत करेंगे पर पूरे भाषण के दौरान पक्ष भी पूरी तरह से मौन रहा. दूसरी तरफ, राज्य में राज्यपाल को विधानसभा में गार्ड ऑफ देने की परंपरा निभाने की ही परंपरा नहीं है. यह पहली बार हुआ कि राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.