राज्यसभा के लिए कांग्रेस ने फिर ‘आयात’ किया नेता, अब की बार राज बब्बर

राज्यसभा सीट बाहरी नेता के पास नहीं जाने देने के लिए उत्तराखंड कांग्रेस में कई दिनों तक लामबंदी हुई, सिर फुट्टौवल तक की नौबत आन पड़ी थी. लेकिन रिजल्ट फिर वही ढाक के तीन पात. आलाकमान ने इस सीट पर दावा ठोक रहे राज्य के तमाम नेताओं को दरकिनार करते हुए फिल्म अभिनेता राज बब्बर को उम्मीदवारी सौंप दी है.
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नेता और अभिनेता राज बब्बर के मंगलवार को नामांकन के साथ ही उनके निर्विरोध राज्यसभा में जाने का रास्ता साफ हो गया. उनके अतिरिक्त किसी अन्य उम्मीदवारी ने नामांकन ही नहीं कराया है. बुधवार को नामांकन पत्र की जांच पड़ताल के बाद उन्हें चुने जाने की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है.

राज बब्बर ने मुख्यमंत्री हरीश रावत उनके मंत्रिमंडल सहयोगियों, प्रदेश सहप्रभारी संजय कपूर और कांग्रेस विधायकों की मौजूदगी में मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे अपना नामांकन पत्र दाखिल किया.

राज बब्बर मंगलवार सुबह उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी देहरादून पहुंचे और सीधे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे. प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने उनका स्वागत कर उन्हें पार्टी सिंबल दिया. इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष उन्हें लेकर विधानसभा पहुंचे. करीब एक घंटे के इंतजार के बाद सीएम विधानसभा पहुंचे और तीन सेट में नामांकन पत्र दाखिल कराया.

राज बब्बर के समर्थन में पीडीएफ के तीन विधायकों समेत कांग्रेस के 21 विधायक उनके प्रस्तावक बने. बिना किसी नारेबाजी और शोर-शराबे के नामांकन संपन्न हुआ, जबकि ठीक तीन महीने मनोरमा डोबरियाल शर्मा के नामांकन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, खासकर महिलाएं बड़ी संख्या में पहुंची थीं.

राज बब्बर ने नामांकन के बाद कहा कि उत्तराखंड मेरे लिए नया नहीं है मैं फिल्म और चुनावों के सिलसिले में यहां आता रहा हूं. उन्होने कहा, आपदा के चलते राज्य के विकास की कड़ी टूटी है उसे रफ्तार देने के लिए राज्य के एक प्रतिनिधि के तौर पर काम करुंगा.

राज बब्बर को राज्यसभा सीट के लिए प्रत्याशी बनाए जाने पर कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताया है. हरिद्वार में कांग्रेस नेता संजय चोपड़ा, सत्यनारायण शर्मा और मुकेश आहूजा के नेतृत्व में मंगलवार को बेलवाला मैदान से पोस्ट ऑफिस तक पैदल आभार यात्रा निकाली गई. चोपड़ा ने कहा कि राज बब्बर का उत्तराखंड से गहरा नाता है.