उत्तरकाशी में महिलाओं ने तैयार किया अपना छोटा बैंक

उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले की महिलाओं की कड़ी मेहनत ने उनके लिए खजाना ढूढ निकाला है. गंगोत्री स्वायत्त सहकारिता संघ से जुड़ी महिलाओं ने अपनी मेहनत से अपनी आर्थिक स्थिति बेहतर कर दी है. चार साल पहले शुरू की मुहिम में गांव की महिलाओं ने हर महीने 20 से 100 रुपये तक की बचत कर दो करोड़ रुपये से ज्यादा का कोष खड़ा कर लिया है. अब इसी कोष से ऋण लेकर वे अपनी आजीविका को मजबूत कर रही हैं.

श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम की पहल पर मई 2011 में भटवाड़ी एंव डुंडा ब्लॉक के 140 गांवों में 295 स्वयं सहायता समूह (SHG) गठित किए गए. इनसे अब तक 4200 महिलाएं जुड़ चुकी हैं. ये महिलाएं हर महीने अपनी सामर्थ्य के अनुसार 20 से 100 रुपये तक जमा करती हैं और आज यह रकम इकट्ठा होकर दो करोड़ से ज्यादा हो गई है.
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इस बचत का समूह की महिलाएं अपने आजीविका में सुधार के लिए इस्तेमाल कर रही हैं. कोष से महिलाएं कम ब्याज दर पर ऋण लेकर पशुपालन, कृषि, बागवानी आदि आय सृजक गतिविधियों को बढ़ावा दे रही हैं. समूह से जुड़ी 50 प्रतिशत महिलाओं को 1.62 करोड़ के ऋण बांटे जा चुके हैं, जबकि करीब 70 लाख रुपये अभी खजाने में जमा है. ग्रामीण महिलाओं की माईक्रो फाइनेंस की यह मुहिम अब गंगोत्री स्वायत्त सहकारिता संघ का रूप ले चुकी है.

समूह से जुड़ी महिलाएं ऋण लेकर दुधारू पशु, बकरी आदि खरीदने, नर्सरी तैयार करने या अपने पति की सहायता तक करती हैं. यहां से ऋण लेकर इन महिलाएं अब अपने आजीविका के साधन तैयार कर रही हैं.