AAP का घमासान, असल में दो विचारधाराओं की जंग

नई दिल्‍ली।… आम आदमी पार्टी (AAP) में चल रही खींचतान को पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने दो विचारधाराओं की लड़ाई बताया है. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने एक निजी चैनल से बातचीत में माना कि पार्टी में टकराव दो अलग-अलग विचारधारा को लेकर चल रहा है. उनका कहना है कि गतिरोध इस बात पर है कि पार्टी के लिए सिद्धांत ज्यादा जरूरी हैं या फिर चुनावों में जीत.
[manual_related_posts]

पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता ये मानते हैं कि किसी भी पार्टी की पहचान सिद्धांतों से बनती है, चुनावों में हार-जीत से नहीं. उनकी नजर में पार्टी को अपने सिद्धांतों को पीछे करके आगे नहीं बढ़ना चाहिए. उन्होंने, कहा कि अब पार्टी को तय करना होगा कि उसके लिए चुनाव जीतना ज्यादा जरूरी है या फिर पार्टी के सिद्धांत.

AAP के वरिष्ठ नेताओं के रुख से साफ है कि आम आदमी पार्टी में अंदरूनी घमासान जारी है और मार्च के आखिर में नेशनल काउंसिल की बैठक से पहले फिर से पार्टी के काम करने के तौर-तरीके, उसकी भविष्य कि दिशा तय करने से लेकर विचारधारा तय करने तक पर गतिरोध फिर तेज हो रहा है.

इससे पहले मयंक गांधी जैसे वरिष्ठ नेता भी ब्लॉग के जरिए पार्टी में पार्दर्शिता की कमी का सवाल उठा चुके हैं. हालांकि वो ये दावा भी कर रहे हैं कि उनकी मंशा पार्टी संगठन को कमजोर करने की नहीं, उसे और पारदर्शी और मजबूत बनाने की है. उधर पार्टी के नेता आशुतोष ने कहा है कि हाल के विवादों से पार्टी की छवि पर बुरा असर पड़ा है और अब पार्टी की नेशनल काउंसिल ये तय करेगी कि पार्टी आगे क्या रणनीति अपनाए.

yogendra-yadav

साफ है कि योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी से बाहर किए जाने के दौरान जो सवाल उठे थे, वो थमने का नाम नहीं ले रहे. पार्टी को आज भी उन्हीं सवालों से निपटना पड़ रहा है.