खतरनाक हुआ हल्द्वानी-अल्मोड़ा हाईवे, डामरीकरण की भी खुली पोल

रानीखेत।… कुमाऊं की ‘लाइफ लाइन’ माने जाने वाले हल्द्वानी-अल्मोड़ा हाईवे पर मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं. हाल में हुई भारी बारिश के बाद भूस्खलन ने जहां लोगों को हर समय डराए रखा, वहीं अब राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ा मलबा नहीं हटाया जा सका है. इसके बाद रही सही कसर 6 दिन की मूसलाधार बारिश ने पूरी कर दी.
[manual_related_posts]

पिछले साल करोड़ों की लागत से इस सड़क पर हॉटमिक्स किया गया था और अब यह जगह-जगह से उखड़ चुका है. एनएच प्रशासन ने भी सालभर में ही डामर उखड़ने पर संबंधित ठेकेदार को नोटिस भेज दिया है.

इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर जोखिम अब भी बरकरार है. जौरासी, लोहाली, पाडली, नावली, चमड़िया, रामगाढ़, खैरना क्षेत्र, भौरियाबैंड, नैनीपुल आदि तमाम जगहों पर बीते दिनों भारी बारिश के कारण हाईवे पर गिरा मलबा नहीं हटाए जाने से यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

विभिन्न डेंजर जोन पर भूस्खलन के बाद गिरे मलबे के कारण राजमार्ग सिकुड़ गया है. इससे तेज रफ्तार वाहनों की भिड़ंत की आशंका भी बढ़ गई है. दूसरी ओर 6 दिन लगातार बारिश ने हाईवे पर डामरीकरण की गुणवत्ता की पूरी तरह से पोल भी खोल कर रख दी है.

पिछले साल किया गया करोड़ों का हॉटमिक्स उखड़ गया है, जगह-जगह गड्ढे हो चुके हैं. ऐसे में हादसों का खतरा भी बना हुआ है. जिन जगहों पर डामर उखड़ गया है, वहां अब जल्द ही पेचवर्क का काम शुरू कराया जाएगा.