उत्तराखंड में सरकारी प्रधानाचार्यों के आने वाले हैं अच्छे दिन

उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों के अच्छे दिन आ सकते हैं. कैबिनेट बैठक में शैक्षिक संवर्ग का पदोन्नति कोटा करीब 50 फीसदी तय करने के लिए प्रस्ताव रखा जा  सकता है. अगर ऐसा होता है तो प्रधानाचार्य शिक्षा विभाग के बड़े पदों में विराजमान हो सकते हैं.

अविभाजित उत्तर प्रदेश में प्रधानाचार्य से आगे अधिकारियों के पदों पर पदोन्नति के लिए 70 फीसदी पद रहते थे. तीस प्रतिशत पदों पर कमीशन से नियुक्ति की जाती थी. प्रदेश में एक जनवरी 2006 को लागू विभागीय ढांचे में शिक्षकों के इंटर कॉलेज का प्रधानाचार्य बनने के बाद पदोन्नति का रास्ता बंद हो गया था.

इससे कई प्रधानाचार्य संयुक्त निदेशक के समान वेतनमान पाने के बावजूद प्रधानचार्य पद से ही रिटायर हो रहे थे. लेकिन, अब प्रधानाचार्यों के लिए प्रदेश सरकार फिर यूपी जैसी व्यवस्था लागू कर सकती है.

मुख्यमंत्री ने प्रिंसिपलों के प्रशासनिक कैडर के मामले को कैबिनेट की बैठक में लाने को कहा है. इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. हर विभाग में प्रमोशन कोटा तय है, लेकिन शिक्षा विभाग में सारे रास्ते बंद कर दिए गए थे. प्रकरण कैबिनेट में आने से सैकड़ों प्रधानाचार्यों को लाभ मिलेगा.