सूचना क्रांति के दौर में उत्तराखंड के 1876 गांव आउट ऑफ कवरेज

रक्षा मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद भुवन चंद्र खंडूड़ी ने पार्लियामेंट में कई गांवों तक मोबाइल कनेक्टिविटी का प्रश्न उठाया. खंडूड़ी ने सूचना प्रौद्यागिकी मंत्रालय और दूरसंचार विभाग से उत्तराखंड का पर्वतीय जिलों के बारे में पूछा. उन्हें जवाब मिला कि राज्य के 15745 गांवों में से 1876 गांवों में मोबाइल कवरेज ही नहीं है.

केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रविशंकर ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री के प्रश्न का जवाब दिया कि उत्तराखंड में मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं का विस्तार करने के लिए सर्वभौमिक सेवा दायित्व निधि से योजनाएं बनाई जा रही हैं. उन्होंने बताया कि 95 ब्लॉक मुख्यालयों में दूरसंचार और इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन 2011 की जनगणना के अनुसार करीब दो हजार गांव मोबाइल कवरेज से अछूते हैं.

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय ऑप्टीकल फाइबर नेटवर्क (एनओएफएन) परियोजना के तहत ग्राम पंचायतों व ब्लॉकों के बीच कनेक्टिविटी सुधारी जा रही है. बीएसएनएल ने इस पहाड़ी राज्य के 20 ब्लॉकों और 981 ग्राम पंचायतों में खुदाई कर पाइप बिछाने के टेंडर को अंतिम रूप दे दिया है. राज्य में 374 किलोमीटर पीएलबीएचडीपीई और 264 किलोमीटर ऑप्टीकल फाइबर केबल बिछाई गई है.

राज्य के बचे हुए हिस्सों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का कार्य टेलीकॉम्यूनिकेशन कन्सलटेंट्स इंडिया लिमिटेड को सौंप दिया गया है.