द्वाराहाट: 1800 पाइप लाइनें बदलीं, अब गगास से बुझेगी इलाके की प्यास

द्वाराहाट।… गगास पेयजल पंपिंग योजना पर विभागीय अफसरों व आंदोलित ग्रामीणों के प्रतिनिध‍ियों के बीच गहन मंथन के बाद अब मामला शांत हो गया है. बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीणों के लिए अब 12 घंटे की जल आपूर्ति पर भी मुहर लगा दी गई है. इसके साथ ही 1800 पाइप लाइन बदलने के बाद इसकी सुपुर्दगी का रास्ता भी साफ हो गया है.

गौतरलब है कि गगास पेयजल पंपिंग योजना इलाके के लिए जीवनरेखा है और पिछले कुछ समय से यह ठप पड़ी हुई थी. कई श‍िकायतें करने के बाद भी जब महकमे में किसी ने प्यासे ग्रामीणों की श‍िकायतें नहीं सुनीं तो फरवरी महीने की शुरुआत से ही ग्रामीणों ने बेमियादी आंदोलन शुरू कर दिया था.

आंदोलन शुरू होने के हफ्ते भर बाद विभागीय अफर धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों की मांगों पर अमल करने का आश्वासन दिया. इसमें जर्जर हो चुकी 1800 लाइनों को बदले जाने व सुचारू आपूर्ति आदि बिंदुओं पर भी सहमति बनी.

लाइनें बदले जाने के बाद पेयजल निगम (निर्माण व यांत्रिकी खंड) व जल संस्थान अफसरों के साथ ग्रामीण प्रतिनिधियों की डढोली में अहम बैठक हुई. इस बैठक में तय हुआ कि गगास पंपिंग पेयजल योजना पूरी तरह जल संस्थान के सुपुर्द कर दी जाएगी. साथ ही रोजाना 12 घंटे की पंपिंग कर सुचारु आपूर्ति का भी भरोसा दिलाया गया है.

1993 में बनी गगास पेयजल योजना से कुमाऊं प्रैद्योगिकी संस्थान के साथ ही करीबी ग्राम डढोली, धरमगांव, भौरा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ब्लॉक मुख्यालय, पशु चिकित्सा केंद्र, राजकीय पॉलीटेक्नीक व गौचर चौराहा को भी इसी योजना से पानी मुहैया कराया जाता है. लेकिन लंबे समय से जल आपूर्ति में दिक्कतें सामने आ रही थीं, इसके कारण एक फरवरी से ग्रामीणों ने आंदोलन शुरू कर दिया था. बाद में विभागीय अफसरों से समझौता वार्ता में क्षतिग्रस्त 1800 पाइप बदल योजना के पुनर्निर्माण का आश्वासन देने पर आंदोलन स्थगित कर दिया था.