भारत के ‘स्विटजरलैंड’ को पर्यटकों के लिए और विकसित करने पर चर्चा

कौसानी।… स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जब गांधीजी कौसानी आए थे तो उन्होंने इसकी तुलना स्व‍िटरलैंड से करते हुए कौसानी को भारत का स्विटरलैंड कहा था. तब से ही पर्यटकों में कौसानी को लेकर कौतूहल है. सैर-सपाटे का कोई भी शौकीन अगर कौसानी नहीं गया तो समझो, उसका पर्यटन जीवन सफल नहीं है. शायद इसीलिए जब इसे और विकसित करने पर चर्चा हो रही है.

जिला पंचायत और होटल एसोसिएशन सहित कई अन्य संगठनों की बैठक में कौसानी को पर्यटन के लिहाज से और ज्यादा विकसित करने पर चर्चा हुई. पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए एडवेंचर टूरिज्म, चिड‍़‍ियाघर और चिल्ड्रन पार्क के निर्माण को लेकर कोश‍िशें करने का भी निर्णय लिया गया है.

जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी का कहना है कि कौसानी को अल्मोड़ा और बागेश्वर से जोड़ने वाली सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाएगा. यही नहीं पेयजल की समस्या से जूझ रहे कौसानी के लिए अस्थाई तौर पर टैंकर की व्यवस्था भी की जाएगी. उत्तराखंड और खासकर कुमाऊं अंचल की प्रमुख पर्यटन नगरी की सफाई व्यवस्था के लिए दो कर्मचारी नियुक्त करने की बात कही गई.

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ऐठानी ने कहा कि यहां पर ज्यादा से ज्यादा पर्यटक आएं, इसके लिए सभी एयरपोर्ट, रेलवे व बस स्टेशनों पर होर्डिग लगाए जाएंगे. उन्होंने यहां के प्रमुख स्थलों को पर्यटन के नजरिए से विकसित करने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उत्पादित वस्तुओं की बिक्री की हर संभव कोश‍िश की जाएगी और इससे लोगों को रोजगार के दोहरे अवसर मिलेंगे. ऐठानी ने कौसानी में बन रहे हर्बल गार्डन को जल्द पूरा करने के लिए वन विभाग के अधिकारियों से भी बात की. बैठक में पैराग्लाइडिंग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया.