पहाड़ों में भारी बर्फबारी व मैदानी इलाकों में बारिश के साथ लौटी ठंड

राज्य मौसम केंद्र देहरादून की ओर से 1 से 3 मार्च तक पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश व हिमपात की चेतावनी सही साबित हुई. सोमवार को तड़के से ही उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी देहरादून में जोरदार बारिश का दौर जारी रहा. रविवार को भी देहरादून में दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही. रविवार को पूरे उत्तराखंड में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ा रहा. उधर दिल्ली, हल्द्वानी, कोटद्वार, हरिद्वार सहित उत्तर भारत के तमाम इलाकों में दिनभर बारिश होती रही.

गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में पहाड़ों पर हिमपात और निचले इलाकों में दिनभर रुक-रुककर बारिश हुई. दिनभर आसमान में घने बादल छाए रहे. बारिश और हिमपात के चलते, जिस ठंड से निजात मिलने पर लोग खुश हो रहे थे, वो एक बार फिर लौट आई है. देहरादून, हरिद्वार सहित कई इलाकें में पारा 10 डिग्री तक लुढ़क गया है.

बेमौसम बारिश से गेहूं व रबी की अन्य फसलों को अच्छा-खासा नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है. भारी बारिश और हिमपात की भविष्यवाणी के चलते गढ़वाल अंचल के रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिलों व कुमाऊं के सभी पर्वतीय जिलों में सावधानी बरती जा रही है. केदारनाथ में रविवार और सोमवार सुबह से ही जमकर बर्फबारी हुई है. रविवार को केदारनाथ में करीब ढाई फीट बर्फ गिरी. सुबह से ही मौसम खराब रहा, जिसके कारण केदारनाथ में पुनर्निर्माण के कार्य पूरी तरह से ठप रहे.

देहरादून जिले में विकासनगर के पास जौनसार बावर की ऊंची चोटियों पर भी रुक-रुककर बर्फबारी का दौर जारी है. कनासर, खादर, देववन, मुंडाली, मोइला टॉप, लोखंडी और कोटी की चोटियां बर्फ से ढक गई हैं. मसूरी में भी रविवार दिनभर बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा. अंग्रेजों के बसाए इस हिल स्टेशन में कड़ाके की ठंड पड़ रही है.

कुमाऊं क्षेत्र के पिथौरागढ़ जिले में भी चोटियों पर बर्फबारी हुई. कैलास मानसरोवर पैदल यात्रा मार्ग बर्फ से पूरी तरह पट गया. अल्मोड़ा, बागेश्वर और चंपावत के अलावा तराई-भाबर में भी रविवार दिनभर बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा. नैनीताल में सुबह से हो रही बारिश के कारण तापमान लुढ़क गया. यहां अधिकतम तापमान 9.0 और न्यूनतम तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.