अर्धकुंभ के लिए अब बचे 9 महीने, जरूरी कामों को पूरा करने की जद्दोजहद

अगले साल हरिद्वार में लगने वाले अर्धकुंभ के लिए अब बस 9 महीने का वक्त बचा है. ऐसे में प्रशासन के सामने समय पर काम पूरा करना और अर्धकुंभ जैसे बड़े आयोजन को सही तरह से आयोजित करना बड़ी चुनौती होगी. इसी लिए अर्धकुंभ की रिव्यू मीटिंग में मुख्य सचिव एन. रविशंकर ने एक बार फिर समय से काम पूरा करने की हिदायत अध‍िकारियों को दी.

अर्धकुंभ कार्यों के लिए गठित की गई हाईपावर कमेअी की बैठक में शनिवार को करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों को मंजूरी दे दी गई है. इनके लिए कुछ धनराशि जारी भी कर दी गई है. मेले की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक के बारे में जानकारी देते हुए शहरी विकास सचिव डीएस गर्ब्याल व मेला अध‍िकारी एस. मुरुगेशन ने बताया कि अर्धकुंभ के लिए अब तक कुल 135 करोड़ रुपये के काम स्वीकृ‍त किए जा चुके हैं. इसके अलावा 50 करोड़ रुपये की धनराश‍ि जारी भी कर दी गई है.

उन्होंने बताया कि 21 अस्थायी ब्रिज बनाने की तैयारी चल रही है. सचिव शहरी विकास व मेला अधिकारी ने संयुक्त रूप से बताया कि मेले से संबंधित काम हर हाल में इस साल 31 दिसम्बर तक पूरे कर लिए जाएंगे. उन्होंने बताया कि इस बार स्थाई काम ज्यादा होंगे, ताकि भविष्य के लिए ढांचागत सुविधाएं भी विकसित हो जाएं.

अर्धकुंभ के लिए 16 काम तो जनवरी में ही जारी करके 8 जनवरी को ही धनराशि रिलीज कर दी गई थी. उन्होंने कहा, हमारा सारा फोकस ऐसे कार्यों पर होगा जो, मेला शुरू होने से पहले ही पूरे करा लिए जाएंगे. इसी के चलते रोशनाबाद-बिहारीगढ़ राजमार्ग को दो लेन करने का कार्य टाल दिया गया है. इस मार्ग पर दस पुलों का निर्माण सीआरएफ के अंतर्गत कराया जा रहा है. माना जा रहा है कि अभी इसे दो लेन करने का काम शुरू हुआ तो मेला शुरू होने से पहले यह काम पूरा नहीं हो पाएगा. मेला नियंत्रण भवन की रंगाई-पुताई, मरम्मत, छत की वाटर प्रूफिंग आदि का काम भी टाल दिया गया है.

इन सबके अलावा हरिद्वार के थाना रानीपुर में अधिकारियों के लिए रेस्ट रूम, अर्धसैनिक बलों व बाहरी राज्य से आने वाली पुलिस के लिए ट्रांजिट कैंप व बैरक, पुलिस लाइन रोशनाबाद में ट्रांजिट रूम, ओपन ब्रीफिंग हॉल, हरिद्वार पुलिस ट्रेनिंग सेंटर, नीलकंठ धाम, मुनि की रेति, मायापुर हरिद्वार में बैरक निर्माण, बिजली की लाइनों को भूमिगत करने आदि काम के निर्णय लेने के लिए मेलाधिकारी को अधिकृत कर दिया गया है. इनके लिए हरिद्वार में ही बैठकें होंगी.