रेल बजट 2015-16: उत्तराखंड पर बरसी ‘प्रभु’ की थोड़ी सी कृपा

वैसे तो रेल मंत्री सुरेश प्रभु के बजट को सत्तापक्ष के लोग और जानकार अच्छा बता रहे हैं, जबकि विपक्ष को इसमें कुछ नजर नहीं आया. लेकिन उत्तराखंड के हिस्से में जो आया, उसे लेकर भी थोड़ी खुशी-थोड़ा गम जैसा माहौल है. इस बार रेल मंत्री ने बजट में पूर्व घोषित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है. जानकार और उत्तराखंड सरकार इसे कम बता रहे हैं.

हरिद्वार-लक्सर और देवबंद-रुड़की रेल लाइन के लिए भी बजट 2015-16 में नए सिरे से कुछ प्रावधान किए गए हैं, हालांकि ये पुरानी घोषणाएं है. देहरादून में मोहकमपुर सहित चार रेलवे ओवरब्रिज बनाने का भी प्रावधान रखा गया है. ये सारी घोषणाएं भी पुरानी हैं. हरिद्वार स्टेशन को पर्यटन मंत्रालय की मदद से विकसित करने का इरादा भी बजट में जाहिर किया गया है. तीर्थ नगरी हरिद्वार के लिए इसे अच्छी खबर कहा जा सकता है.

4295 करोड़ रुपये की परियोजना ऋषिकेश-कर्ण प्रयाग मार्ग पर मार्च 2014 तक सिर्फ 11 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे. 2014-15 में इस पर संशोधित परिव्यय 20 करोड़ किया गया. 2015-16 के लिए प्रस्तावित परिव्यय 150 करोड़ रुपये कर दिया गया है.

देवबंद-रुड़की रेल परियोजना पर भी अब तक करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं. इस परियोजना पर पीपीपी के तहत 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. हरिद्वार-लक्सर रेल लाइन के दोहरीकरण के लिए कुल 140 करोड़ रुपये बजट में दिए गए हैं.

इस बजट में हरिद्वार में 24 कोच की ट्रेन को चलाने की सुविधाओं का विकास करने की योजना भी बतायी गई और हरिद्वार-देहरादून के बीच 18 कोच की ट्रेन को चलाने की सुविधाओं का विकास करने की भी बात कही गई है.