ये रहीं रेल बजट में आपके काम की खास बातें

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने गुरुवार को जैसे ही बजट भाषण शुरू किया तो पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा. उन्होंने शुरुआत ही ऐसी की. ये बिल्कुल उसी अंदाज में था, जैसे पहली गेंद पर ही बल्लेबाज छक्का जड़ दे. रेल मंत्री ने अपने बजट भाषण की शुरुआत कुछ इस अंदाज में की. ‘हे प्रभु ये कैसे होगा?’ प्रभु उनका दूसरा नाम भी है और उन्होंने तो भारतीय रेल की हालत को देखकर ये कहा था. खैर रेल बजट में विपक्ष को भले ही कुछ नजर ना आता हो, लेकिन यह बजट से ज्यादा विजन डॉक्यूमेंट था. इसमें प्रभु ने वो खाका खींचा, जिसमें वो बताना चाहते थे कि अगले पांच साल में भारतीय रेल को कहां ले जाना चाहते हैं. बाकी ‘प्रभु’ की मर्जी.

रेल के कुछ मुख्य बिंदु ये हैं. इन्हें पढ़कर आप समझ जाएंगे कि आख‍िर प्रभु भारतीय रेल को कहां ले जाना चाहते हैं और यात्री अनुभव को किस स्तर तक खुशगवार बनाना चाहते हैं.

आगामी पांच सालों में भारतीय रेल की कायाकल्प के लिए निर्धारित चार लक्ष्य
– ग्राहकों के अनुभव में स्थायी और मापनयोग्य सुधार लाना.
– रेलवे को यात्रा का सुरक्षित साधन बनाना.
– भारतीय रेलों की क्षमता में पर्याप्त विस्तार करना और इसकी इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाना.
– भारतीय रेलवे को वित्तीय दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाना.

कार्य निष्पादन योजना के लिए पांच महत्वपूर्ण उत्प्रेरक
– मध्यावध‍ि योजना को अपनाना
– साझेदारी बनाना
– अतिरिक्त संसाधन जुटाना
– पद्धतियों, प्रणालियों, प्रक्रियाओं में सुधार करना और मानव संसाधन को समर्थ बनाना
– शासन व्यवस्था तथा पारदर्शिता मानक स्थापित करना

कार्य योजना के लिए 11 प्रमुख क्षेत्र और सुखद यात्रा का आभास
– साफ-सफाई: स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छ रेल बनाने के कार्यक्रम पर जोर, 120 स्टेशनों की तुलना में 650 अतिरिक्त स्टेशनों पर नए शौचालय बनाए जाएंगे.
– बिस्तर: बिस्तरों के डिजाइन के लिए निफ्ट (NIFT) दिल्ली से संपर्क किया जाएगा, इसके अलावा चुनिंदा स्टेशनों पर डिस्पोजेबल बिस्तर की ऑनलाइन सुविधा मिलेगी.
– हैल्प लाइन: यात्रियों की समस्याओं का वास्तविक समय के आधार पर निराकरण के लिए अखिल भारतीय 24X7 हैल्प लाइन नं. 138 की शुरुआत की जाएगी.
– टिकट: अनारक्षित यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए पांच मिनट के भीतर टिकट खरीद सुनिश्चित करने के लिए ऑपेरशन फाइव मिनट.
– खानपान: ई-कैटरिंग की सुविधा और अधिक रेलगाड़ि‍यों में बढ़ाई जाएगी.
– प्रौद्योगिकी का अधिकाधिक उपयोग करना: टीसी को हैंड हेल्ड टर्मिनल उपलब्ध कराए जाएंगे. जिनका उपयोग यात्रियों का सत्यापन और चार्टों को डाउनलोड करने के लिए किया जा सकेगा. एकीकृत ग्राहक पोर्टल तैयार किया जाएगा. एसएमएस अलर्ट सेवा शुरू की जाएगी.
– निगरानी: महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए पायलट आधार पर मेन-लाइन के चुनिंदा सवारी डिब्बों और उपनगरीय गाड़ियों में महिलाओं के डिब्बों में निगरानी रखने के लिए कैमरा लगाए जाएंगे, ऐसा करते समय उनकी प्राइवेसी का भी ख्याल रखा जाएगा.
– मनोरंजन: साधारण श्रेणी के सवारी डिब्बों में मोबाइल फोन को चार्ज करने की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी.
– गाड़ी क्षमता में वृद्धि: 24 सवारी डिब्बों के स्थान पर 26 सवारी डिब्बे जोड़ें जाएंगे.
– आरामदायक यात्रा: ऊपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए सीढ़ियों का मौजूदा सीढ़ियां, जो यात्रियों के लिए असुविधाजनक हैं को बदल कर उसके स्थान पर यात्रियों के लिए सुविधाजनक सीढ़ियों की व्यवस्था का प्रस्ताव.
– स्टेशन सुविधाएं: स्टेशन सुविधाओं में बढ़ोतरी की जाएगी.

रेल मंत्री ने भारतीय रेलवे के कायाकल्प के लिए अगले पांच सालों के लिए चार लक्ष्य निर्धारित किए हैं.
यात्री और माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि की जाएगी.
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए गांधी सर्किट को बढ़ावा दिया जाएगा.
रेलवे की वार्षिक योजना के लिए वित्त मंत्रालय द्वारा 40,000 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता.
विदेशी रेल प्रौद्योगिकी सहयोग योजना शुरू करने का प्रस्‍ताव.
रेलवे में महत्‍वपूर्ण प्रबंधन प्रक्रियाओं और प्रणालियों में सुधार.
रेलवे के योजना बजट के आकार में 52 फीसदी की वृद्धि.
रेलवे विशेषज्ञों से परामर्श लेने के लिए वित्‍त व्‍यवस्‍था कक्ष स्‍थापित करेगा.
मुम्‍बई के लिए एमयूटीपी-III शुरू की जाएगी.
रेलवे का 2014-15 के दौरान वित्‍तीय निष्‍पादन.
आरओबी/आरयूबी के निर्माण के लिए वेब आधारित एप्‍लीकेशन शुरू किया गया.

भारतीय रेलवे के कायाकल्‍प के लिए रेल मंत्री द्वारा पांच सूत्री कार्य निष्‍पादन रणनीति का निर्धारण.
टीसी के लिए हैंड हैल्‍ड टर्मिनल्‍स का प्रावधान.
साधारण श्रेणी के सवारी डिब्‍बों में मोबाइल फोन को चार्ज करने की सुविधा.
चुनिंदा शताब्‍दी गाडि़यों पर ऑन बोर्ड मनोरंजन सुविधा उपलब्‍ध होगी.
रेलवे मौजूदा लेखा प्रणाली में बदलाव के लिए कार्यदल का गठन करेगा.
रेलवे वेंडर इंटरफेस मैनेजमेंट सिस्टम को डिजिटल बनाएगा.
यात्रियों की शिकायतों के समाधान के लिए हैल्प लाइन नं. 138 चौबीस घंटे कार्य करेगा.
स्वच्छ रेल-स्वच्छ भारत के लिए काम करेगा रेलवे.
बिस्तरों के डिजाइन, गुणवत्ता और स्वच्छता को बेहतर बनाएगा रेलवे.
महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए निर्भया निधि का उपयोग करेगी रेलवे.
रेलवे परिचालन और व्यवसायिक कुशलता के उच्चतम मानक सुनिश्चित करेगा.
2015-16 के लिए नौ वर्ष में सर्वश्रेष्ठ 88.5 फीसदी परिचालन औसत का प्रस्ताव.

रेल बजट 2015-16 के 9 मुख्य क्षेत्र
– यात्री भाड़े में कोई बढ़ोत्तरी नहीं
– अनारक्षित श्रेणी की टिकट खरीद सुगम बनाने के लिए ‘ऑपरेशन फाइव मिनट’
– भिन्न रूप से सक्षम (विकलांग) यात्रियों के लिए एक बार रजिस्ट्रेशन कराने के बाद रियायती ई-टिकट ‘रक्षा यात्रा प्रणाली’ विकसित, वारंट समाप्त.
– ई-कैटरिंग में बेस्ट फूड चेन्स को शामिल किया जाएगा.
– रेल बजट में अधिक राजस्व और उपयुक्त निवेश सुनिश्चित करने व प्रणाली के संकुलन को कम और लाइन क्षमता बढ़ाने के लिए प्रावधान.
– गाड़ियों के आगमन/प्रस्थान के समय के लिए ‘एसएमएस’ अलर्ट.
– चुनिंदा मार्गों पर सुरक्षा चेतावनी प्रणाली और गाड़ियों की टक्कर से बचाव की प्रणाली.