‘भगवान भरोसे’ उत्तराखंड में रेलवे विस्तार, ‘प्रभु’ आपसे ही उम्मीदें हैं

रेल नेटवर्क से जुड़ने के मामले में उत्तराखंड अब भी बहुत पीछे है. बहुत सी रेल लाइनों पर तो अंग्रेजों ने सर्वे कराया था और पटरी बिछाने की तैयारी भी कर ली थी. लेकिन इस बीच देश आजाद हो गया और आजादी मिलने के बाद उत्तराखंड में रेल का विस्तार बिल्कुल ठप हो गया. उत्तराखंड में जहां-जहां भी ट्रेन पहुंची है, वह अंग्रेजों की ही पहुंचाई हुई है. अब तो उत्तराखंड के लोग रेल लाइन के लिए भगवान की तरफ भी नहीं देखते, लेकिन इस बार उम्मीद ‘प्रभु’ से जरूर है.

गुरुवार को रेल मंत्री सुरेश प्रभु संसद में रेल बजट पेश कर रहे हैं. उत्तराखंड वासियों को अब विकास के नाम पर सत्ता में आई मोदी सरकार के इन्हीं रेल मंत्री ‘प्रभु’ से उम्मीदें हैं. खास तौर पर उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी देहरादून के लोगों को इस रेल बजट से ढेरों उम्मीदें हैं. रेल यात्रियों का मानना हैं इस बार राज्य से पांचों सांसद केंद्र में सत्ताधारी बीजेपी के ही हैं. ऐसे में उम्मीदें जगी हैं कि ये सांसद रेल बजट में राज्य के लिए कुछ तो जरूर दिलवाएंगे. राज्य से जुड़ी हुई रेलवे की कई योजनाएं हैं, जिनका लोगों को काफी समय से इंतजार है और बेहद जरूरत भी.

देहरादून वासियों को उम्मीदें हैं कि दून स्टेशन पर प्लेटफॉर्म बढ़ेंगे तो गाड़ियों की संख्या भी बढ़ेगी. प्लेटफार्म छोटे होने के कारण देहरादून स्टेशन पर 13 कोच से ज्यादा लंबी ट्रेन नहीं आ पाती है. यात्रियों की संख्या ज्यादा होने के बावजूद कोच नहीं बढ़ाए जा सकते. दून स्टेशन का विस्तार होगा तो उम्मीद की जा सकती है कि हरिद्वार तक आने वाली 18 कोच वाली 13 ट्रेनों में से कुछ ट्रेनें दून तक भी आ पाएंगी.

देहरादून वासियों को उम्मीदें हैं कि इस बार रेल मंत्री के पिटारे से देहरादून के लिए कुछ और गाड़ियां निकलेंगी. हल्द्वानी, कानपुर, इलाहाबाद, लखनऊ, पंजाब, दिल्ली और दक्षिण भारत की तरफ गाड़ियों का रूट बढ़ेगा तो यात्रियों का सफर और भी आसाना हो जाएगा. दैनिक रेल यात्रियों को देहरादून और सहारनपुर के बीच रेल सफर आसान होने की भी उम्मीद है. देहरादून से वाया विकासनगर सहारनपुर रेल लाइन का प्रस्ताव लंबे समय से लटका पड़ा है. फिलहाल देहरादून से हरिद्वार और लक्सर होते हुए करीब 128 किलोमीटर की दूरी तय करके सहारनपुर जाना पड़ता है.

विकासनगर से दूरी भी कम होगी और इस रूट पर ट्रेनें सीमित होने से समय भी कम लगेगा. रेल लाइन के जरिए उत्तराखंड को हिमाचल से जोड़ने की बड़ी महत्वाकांक्षी योजना सालों से कागजों पर ही है. इस रेल लाइन को बिछाने की हरी झंडी मिल गई तो यह उत्तराखंड व हिमाचल दोनों पहाड़ी राज्यों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा. दोनों राज्यों में कई मामलों में इससे व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा.

क्षेत्रवासी उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार रेल बजट में प्रभु हरिद्वार से देहरादून के बीच रेल लाइन को डबल करने की भी घोषणा करेंगे. सिंगल लाइन होने के कारण हरिद्वार से देहरादून पहुंचने में दो-ढाई घंटे तक लग जाते हैं. तीर्थनगरी ऋषिकेश और उससे सटे बड़े क्षेत्र के लोगों की भी रेल लाइन से देहरादून से जुड़ने की काफी इच्छा है. लोग उम्मीद कर रहे हैं कि रेल मंत्री इस बार बार जरूर इस योजना को हरी झंडी देंगे.