मोबाइल बनेगा डेबिट कार्ड, नोट भूल जाएंगे आप

आप अपने मोबाइल से क्या-क्या काम करते हैं? जाहिर सी बात है आप का जवाब होगा- फोन करना, फेसबुक, ट्विटर, जीमेल और कई अन्य काम. लेकिन, आपने अपने मोबाइल को डेबिट कार्ड की तरह भी कभी इस्तेमाल किया है क्या? नहीं ना! अब ऐसा होने वाला है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इसकी व्यवस्था करने जा रहा है.

अब आप अपने मोबाइल फोन को डेबिड कार्ड की तरह इस्तेमाल करके तमाम तरह की शॉपिंग कर सकेंगे. एक इंगलिश अखबार ने ये खबर दी है. नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस लॉन्च किया है, इसकी मदद से अब यह सब संभव होगा. इस इंटरफेस की मदद से आप जैसे उपभोक्ता सभी बैंकों को एक्सेस कर सकेंगे और पैसे भी निकाल सकेंगे, भुगतान कर सकेंगे.

लेकिन ध्यान रहे इसके लिए आधार कार्ड जरूरी है और अगर आपके पास आधार नहीं है तो तुरंत जाकर बनवा लें. क्योंकि केंद्र और राज्य सरकारों की कई अन्य योजनाएं भी सीधे आधार से जुड़ेंगी. यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस में उपभोक्ता के मोबाइल फोन नंबर और वर्चुअल भुगतान पते से मोबाइल को डेबिट कार्ड बनाना संभव होगा. अच्छी बात ये है कि आपको किसी भी एक बैंक के खाते में जाने की जरूरत नहीं है, आप अपने सभी अकाउंट इससे लिंक कर सकते हैं.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया देशभर में कैश लेस सिस्टम को प्रभावी करना चाहता है. इस तरह की व्यवस्था में कैश नोट धीरे-धीरे चलन से बाहर हो जाएंगे. फिलहाल देश में सिर्फ 6 फीसदी लोग ही कैश लेस काम करते हैं. सरकार और बैंक दोनों ही कैश लेस सिस्टम को और मजबूत करना चाहते हैं, ताकि कैश का इस्तेमाल कम से कम हो. इससे सरकार को दोहरा फायदा होगा. एक तो नोट छापने का खर्च बचेगा और दूसरा हर ट्रांजेक्शन पर सरकार की नजर रहेगी.

इस व्यवस्था के लिए सभी बैंक अपने-अपने एप जारी करेंगे. इस एप के जरिए ही एक पिन भी जेनरेट किया जा सकेगा, जो उसके खाते से जुड़ा होगा. पिन मिलने के बाद बैंक उसे यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस से लिंक कर देगा. बस इसके बाद उपभोक्ता को एक वर्चुअल भुगतान खाता एड्रेस मिल जाएगा. और यही एड्रेस भुगतान में प्रभावी होगा.