गौर फरमाएं मुख्यमंत्री जी! आपके पैतृक गांव की खबर है, वो भी बुरी

अल्मोड़ा।… उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्रीमान हरीश रावत जी गौर फरमाएं! ये खबर आपके पैतृक गांव मोहनरी के पास चौनलिया की है और बुरी खबर है. इसी इलाके में आपका जन्म हुआ, आपने यहीं से पढ़ाई की, ग्राम प्रधान से लेकर पार्लियामेंट और राज्य के मुख्यमंत्री तक का सफर तय किया. अब आपका अपना क्षेत्र (चुनावी नहीं, जन्म से जुड़ा हुआ) आपसे फरियाद कर रहा है कि यहां के नौनिहालों की रक्षा करो, इनके लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था करो. वरना फिर कभी यहां से आप जैसी प्रतिभा नहीं निकल पाएगी और देश-दुनिया में आपकी तरह इलाके और समूचे उत्तराखंड का नाम रोशन नहीं कर पाएगी.

दरअसल अल्मोड़ा जिले के राजकीय नवोदय विद्यालय चौनलिया में पेयजल समस्या गर्मी आने से पहले ही विकराल रूप धारण कर चुकी है. पेयजल समस्या के चलते अब यहां पढ़ रहे बच्चों को नौलों (छोटे कुओं) का गंदा पानी पीना पड़ रहा है. इसके कारण कई बच्चे बीमार हो गए और इलाज के लिए स्कूल सत्र के बीच में ही अपने घरों को वापस लौट गए हैं, लेकिन इसके बाद भी यहां के हालात ठीक नहीं हो रहे और कोई सुध भी नहीं ले रहा.

स्थानीय बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के उद्देश्य से चौनलिया में राजीव गांधी नवोदय विद्यालय की स्थापना की गई है, लेकिन पिछले एक हफ्ते से इस बोर्डिंग स्कूल में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है. इसके कारण स्कूली बच्चों को नवाड़ गधेरे का गंदा पानी पीना पड़ रहा है. ऐसा भी नहीं है कि विभाग ने पेयजल महकमे के अधिकारियों से पेयजल आपूर्ति सुचारू करने की मांग नहीं की है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. नदी-नालों का गंदा पानी पीने के कारण से बग्वाली पोखर का एक छात्र करन भंडारी गंभीर रूप से बीमार हो गया है.

विद्यालय की अव्यवस्थाओं को देखते हुए अब करन के अभिभावक उसे अपने घर ले गए हैं, उसका इलाज चल रहा है. तीन सौ से ज्यादा छात्र-छात्राओं वाले इस बोर्डिंग स्कूल में लगभग 18 हजार लीटर पानी की प्रतिदिन खपत है, लेकिन इस स्कूल में 8 हजार लीटर से ज्यादा पानी की सप्लाई तो आज तक नहीं हुई, लेकिन पिछले हफ्ते से इस स्कूल में एक बूंद पानी भी नहीं पहुंचा है. इससे हालात दिन-प्रतिदिन खराब होते जा रहे हैं.

स्कूल के प्रिंसिपल मनोज कांत उपाध्याय के अनुसार गंदा पानी पीने के कारण बच्चे बीमार हो रहे हैं. यही नहीं कमरों की सफाई भी नहीं हो पा रही है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ना लाजमी है. उधर स्कूल में अव्यवस्था पर यहां पढ़ने वाले बच्चों के अभ‍िभावक भी गुस्से में हैं. ये हालत तब है जबकि यह क्षेत्र स्वयं सूबे के मुख्यमंत्री का गृहक्षेत्र है और डीएम इस संस्था के अध्यक्ष.

अत: मुख्यमंत्री जी आपसे अनुरोध है कि इन नौनिहालों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था यथाशीघ्र करवाएं और इन्हें भी अपनी तरह अपने गांव, अपने क्षेत्र और अपने उत्तराखंड का नाम रोशन करने का मौका दें.