हरिद्वार: नटवरलाल ने खुफिया विभाग का DIG बनकर लाखों ठगे

हरिद्वार।… कभी किसी लालच तो कभी दबाव और कभी बड़े-बड़े सपने दिखाकर नटवरलाल यानी धोखेबाज आम लोगों को ठग लेते हैं. ऐसा ही एक मामला उत्तराखंड की धार्मिक नगरी हरिद्वार में सामने आया है. यहां उत्तराखंड पुलिस के खुफिया विभाग के डीआईजी का वेश धरकर एक नटवरलाल ने बड़ी ठगी को अंजाम दिया. इस नटवरलाल ने हरिद्वार में एक धर्मशाला के मैनेजर से साढ़े 11 लाख रुपये हड़प लिए.

पीड़ित धर्मशाला मैनेजर की श‍िकायत पर पुलिस ने फर्जी डीआईजी, उसकी पत्नी और पिता के खिलाफ धोखाधड़ी सहित कई अन्य प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. धार्मिक नगरी के जस्साराम मार्ग पर बने एक भवन में राजेंद्र शर्मा मैनेजर हैं. बीते साल से उनके यहां लगातार एक व्यक्ति आकर ठहरता रहा. उसने मैनेजर से करीबी संबंध बना लिए. आरोप है कि खुद को सूबे में खुफिया विभाग का डीआईजी बता रहे व्यक्ति ने अपना नाम महावीर लखेड़ा बताया.

मैनेजर शर्मा ने बताया कि धर्मशाला में रहने के दौरान अक्सर हरिकांत अमोली नाम का एक व्यक्ति उनके पास फाइलों में हस्ताक्षर करवाने के लिए आता था, जिससे उन्हें शक नहीं हुआ. आरोप है कि धर्मशाला मैनेजर के बेटे का डीएवी कॉलेज में लॉ में दाखिला व बेटी की विधानसभा में उपनल से नौकरी लगवाने के नाम पर उसने कई लाख हड़प लिए.

इसके अलावा एक प्लॉट दिलाने के नाम पर भी पैसे लिए, लेकिन काम नहीं होने पर जब धर्मशाला मैनेजर ने अपने पैसे वापस मांगे तो तथाकथित डीआईजी ने इंकार कर दिया. ठगी का अहसास होने के बाद वे कोतवाली पहुंचे और आरोपी के खिलाफ श‍िकायत दी. कोतवाली प्रभारी महेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मैनेजर की ओर से फर्जी डीआईजी, उसकी पत्नी उमा देवी एवं पिता राधाकृष्ण लखेड़ा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है. सभी आरोपी देहरादून के बंजारा रोड पर तरुण विहार के रहने वाले हैं.