जाने कब पहुंचेगी पहाड़ों में उम्मीदों की ट्रेन, ये हैं लंबित रेल योजनाएं

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने संसद के बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को दिल्ली में रेल मंत्री सुरेश प्रभु से मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने 26 फरवरी को पेश हो रहे रेल बजट में उनसे उत्तराखंड के हित से जुड़ी परियोजनाओं को शामिल करने का अनुरोध किया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में रेल सेवाओं के तेजी विस्तार की जरूरत है. इस मामले में पहले भी राज्य सरकार ने कई बार प्रस्ताव भेजे हैं. गौरतलब है कि हाल ही हरीश रावत ने चिट्ठी लिखकर भी रेल मंत्री से कई लंबित पड़ी योजनाओं को चालू करने व नई योजनाओं की मांग की थी.

सीएम रावत ने रेल मंत्री से मिलकर कहा कि राज्य में रेल सेवाओं को विस्तार देने की जरूरत है. मुख्यमंत्री ने इसके लिए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों, तीर्थ यात्रियों की सुविधाओं, सामरिक दृष्टिकोण और राष्ट्रहित जैसी कई बातें गिनाईं. विशेष श्रेणी का राज्य होने के नाते उत्तराखंड रेल परियोजनाओं के खर्च में अंशदान देने में असमर्थ है. उन्होंने कहा, ऐसे में सामरिक महत्व की परियोजनाओं को आर्थिक मानदंड की प्रक्रिया से मुक्त रखा जाए.

ये रेल परियोजनाएं हैं जो लंबे समय से लंबित पड़ी हैं
1. रामनगर-चौखुटिया रेल मार्ग
2. टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन का निर्माण
3. किच्छा-खटीमा रेल लाइन
4. ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग
5. देवबंद-रुड़की रेल मार्ग
6. सहारनपुर-विकासनगर-देहरादून
7. ऋषिकेश-डोईवाला नए रेल मार्ग का निर्माण
8. हरीद्वार-कोटद्वार-रामनगर डाईरेक्ट लिंक
9. काशीपुर-नजीबाबाद वाया धामपुर रेल लाइन का सर्वे
10. रुड़की-पिरान कलियर/ देहरादून-पुरोला (यमुना किनारे-2)/टनकपुर-जौलजीवी-नई रेल लाइनों के सर्वे
11. लालकुआं-मेलानी-टनकपुर-पीलीभीत-भोजीपुरा-बरेली सेक्शन के मीटर गेज को ब्रॉड गेज के लिए स्वीकृति
12. देहरादून-काठगोदाम-रामनगर से नई दिल्ली के लिए एक सीधी तेज रफ्तार नान-स्टॉप रेलगाड़ी
13. रामनगर के लिए दिल्ली से एक डाइरेक्ट ट्रेन चलाए जाने की कई सालों पुरानी मांग लंबित
14. दो साल पहले उत्तराखंड पर्यटन विभाग, केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय एवं रेल मंत्रालय ने संयुक्त रूप से दिल्ली में एक रोड शो आयोजित किया था, जिसमें विभिन्न विशिष्ट परामर्शदाताओं ने यह सुझाव दिया था कि देहरादून एवं काठगोदाम/रामनगर से मुंबई के लिए एक-एक नई सीधी रेलगाड़ी चलायी जाए तो इस क्षेत्र के पर्यटकों एवं यात्रियों की सुविधा के लिए अत्यंत आवश्यक है. इसी प्रकार हिमाचल, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, देहरादून, रामनगर, काठगोदाम, टनकपुर रेल मार्गों में एक पर्यटक सर्किट के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाना जरूर है.
15. दिल्ली-कोटद्वार जाने के लिए वाया नजीबाबाद रेल मार्ग
16. रानीखेत एक्सप्रेस 5013A/5014A में रामनगर के लिए एक 1st क्लास एसी कोच लगाने की जरूरत है.
17. नई दिल्ली-देहरादून जन शताब्दी 2055/2056, दिल्ली-काठगोदाम/रामनगर संपर्क क्रांति एवं आनंद विहार-काठगोदाम शताब्दी में यात्रियों की अधिक संख्या को देखते हुए इनमें एक अतिरिक्त 1st क्लास एसी कोच एवं एसी चेयरकार की आवश्यकता.
18. काठगोदाम/रामनगर से अमृतसर एवं जम्मू तवी के लिए एक दैनिक रेल चलाए जाने की मांग सालों पुरानी है.
19. चंडीगढ़-अमृतसर के लिए काठगोदाम-रामनगर से एक शताब्दी/जन-शताब्दी रेल की जरूरत.
20. देहरादून एवं काठगोदाम से लखनऊ/वाराणसी/इलाहाबाद के लिए एक तेज रफ्तार रेल की जरूरत.