पेट्रोलियम जासूसी मामले में एक के बाद एक बड़े खुलासे

पेट्रोलियम मंत्रालय से जरूरी दस्तावेज चुराकर प्राइवेट कंपनियों को मुहैया कराने के रहस्य पर से पर्दा लगातार उठता जा रहा है. कॉर्पेारेट जासूसी मामले में अब एक और ग्रुप का पता चला है. इस ग्रुप में वरिष्ठ अधिकारियों के ऑफिसों में काम करने वाले कर्मचारी शामिल हैं. पुलिस इस ग्रुप के बारे में जानकारी जुटाकर जांच कर रही है.

क्राइम ब्रांच के सूत्रों की मानें तो पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज कर सकती है. सूत्रों के मुताबिक, जासूसी कांड का दूसरा नेटवर्क मंत्रालय में एक फोर्थ क्लास कर्मचारी लोकेश चला रहा था. लोकेश पेट्रोलियम मंत्रालय में चपरासी के पद पर तैनात है. पुलिस ने लोकेश को हिरासत में लेकर रविवार को उससे पूछताछ की है. पूछताछ में मिली सूचनाओं के आधार पर पुलिस लोकेश ग्रुप के खिलाफ दूसरी FIR दर्ज कर सकती है. पुलिस ने इस मामले में शास्त्री भवन में अब तक 7 कमरे सील करने के बाद जांच शुरू कर दी है. इससे पहले ही पुलिस इस मामले में मंत्रालय के कुछ अधिकारियों, कर्मचारियों और कंपनियों के अफसरों को गिरफ्तार भी कर चुकी है.

गौरतलब है कि पेट्रोलियम मंत्रालय जासूसी कांड में पुलिस ने पांच कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी किया हुआ है. सभी से जांच में सहयोग करने को कहा गया है. सोमवार को इनसे भी पूछताछ हो सकती है. कुछ दिन पहले पेट्रोलियम मंत्रालय में एक जरूरी दस्तावेज के फोटोकॉपी मशीन के पास मिलने पर इस मामले की जांच शुरू की गई थी. इसके बाद मंत्रालय से जासूसी का मामला सामने आया.

इस बीच गिरफ्त में आए पूर्व पत्रकार शांतनु सैकिया ने शनिवार को बताया कि वे दस हजार करोड़ के घोटाले का खुलासा करने वाले थे, इसलिए उन्हें गलत तरीके से फंसाया जा रहा है. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी शनिवार को कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी व्यक्ति को बक्शा नहीं जाएगा और कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी.

क्राइम ब्रांच उर्वरक, पावर सेक्टर, सोलर एनर्जी और पर्तो कैमिकल्स में भी आरोपी शांतनु सैंकिया की भूमिका की जांच कर रही है. पुलिस इस मामले में शांतनु के स्टाफ से भी उनके व्यवहार और काम के बारे में बातचीत कर रही है. यही नहीं पुलिस ने शांतनु के उन ग्राहकों की लिस्ट भी बनाई है, जिनके साथ उसने अब तक बिजनेस किया है.

इससे पहले शनिवार को मंत्रालय जासूसी कांड में शामिल पांचों आरोपियों को कोर्ट ने तीन दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया. जासूसी कांड में फंसे कॉरपोरेट जगत के इन पांच आरोपियों को 24 फरवरी तक के लिए पुलिस हिरासत में भेजा गया है. कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई 24 फरवरी करेगा.

बता दें कि पेट्रोलियम मंत्रालय में जासूसी का खुलासा इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) से मिली जानकारी के आधार पर हुआ. सूत्रों के मुताबिक आईबी ने सितंबर में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को इसकी जानकारी दी थी. आईबी के मुताबिक मंत्रालय के संयुक्त सचिव स्तर के दो अधिकारी शक के दायरे में हैं. आईबी इस केस में 6 महीने से काम कर रहा था.

अब भी पीएमओ सीधे आईबी के संपर्क में है और गृह मंत्रालय को भी पल-पल की जानकारी दी जा रही है. खुफिया विभाग अब पेट्रोलियम व अन्य मंत्रालयों के बड़े अधिकारियों के विदेश दौरों से जुड़ी जानकारी भी जुटा रहा है.

उधर, जासूसी कांड की तफ्तीश एक कदम आगे बढ़ गई है. पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला है कि शांतनु सैकिया और प्रयास जैन पांच बड़ी कंपनियों के अधिकारियों को खुफिया दस्तावेज बेचते थे. इन दोनों से दिल्ली के चाणक्यपुरी थाने में पूछताछ की जा रही है. शुक्रवार को बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों के 5 अधिकारी गिरफ्तार कर लिए गए.

पुलिस को आरोपियों के पास से बेहद संवेदनशील दस्तावेज मिले हैं. वहीं जांच में ऐसे संकेत भी मिले हैं कि जासूसों के तार सिर्फ पेट्रोलियम मंत्रालय ही नहीं बल्कि कोयला और ऊर्जा समेत कई मंत्रालयों में फैले थे. दिल्ली पुलिस ने जासूसी कांड में जो एफआईआर दर्ज की है, उसके मुताबिक आरोपियों से कई संवेदनशील दस्तावेज बरामद हुए हैं. जिनमें ये अतिसंवेदनशील दस्तावेज शामिल हैं.

– वित्त मंत्री के बजट भाषण का हिस्सा
– प्रधानमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी नृपेंद्र मिश्रा की एक गोपनीय चिट्ठी
– पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल की दिसंबर महीने की गोपनीय रिपोर्ट
– 4 फरवरी की श्रीलंका में अवसरों की समीक्षा हेडर वाली रिपोर्ट
– अलग अलग क्षेत्रों की गोपनीय परफॉर्मेंस रिपोर्ट
– मिनिस्ट्री ऑफ पीएनजी के एक्स्पलोरेशन डिवीजन के गोपनीय दस्तावेज शामिल हैं.

ये तमाम दस्तावेज बिचौलिये राकेश से बरामद हुए हैं. अब तक इस मामले में कुल 12 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं. जिनमें रिलायंस और एस्सार समेत कई बड़े कॉरपोरेट समूहों के बड़े अधिकारी भी शामिल हैं.

शुक्रवार को हुईं ये 5 बड़ी गिरफ्तारियां
– एडीएजी रिलायंस के डीजीएम ऋषि आनंद
– केयर्न्स इंडिया से के के नायक
– जुबीलेंट एनर्जी के सुभाष चंद्रा
– एस्सार के विनय कुमार
– RIL के मैनेजर शैलेश सक्सेना