हादसों को न्योता दे रहा है चकराता-मसूरी मार्ग, जान हथेली पर रखकर हो रहा सफर

चकराता।… जौनसार-बावर क्षेत्र के दर्जनों गांवों के साथ ही कई पर्यटन स्थलों व लोक निर्माण विभाग चकराता मुख्यालय को यातायात से जोड़ने वाला चकराता-मसूरी मार्ग का हाल बुरा है. गहरे गडढ़े और टूटे पुश्ते अक्सर हादसों के कारण व गवाह बनते हैं. कई जगह काजवे की स्थिति खतरनाक बनी हैं. लोगों ने इंजीनियर को पत्र भेजकर इस सड़क मार्ग को सुधारने की मांग की है.

जौनसार-बावर क्षेत्र के महत्वपूर्ण चकराता-मसूरी मार्ग की हालत खराब होने के चलते लोगों को खतरे भरा सफर करना पड़ रहा है. कहने को इस सड़क पर हर साल रखरखाव के नाम पर लाखों रुपये खर्च होते हैं, लेकिन सड़क-मार्ग पर सफर करना जान जोख‍िम में डालने जैसा है. जगह-जगह गहरे गडढ़े व कई जगह दीवारें टूटने से जोखिम लेकर छोटे वाहनों को चलाया जा रहा है.

चकराता बाजार से लांगा-पोखरी के बीच का भाग तो पूरी तरह गड्ढ़ों में बदल गया है. पीडब्ल्यूडी चकराता हर साल इस सड़क-मार्ग के रखरखाव पर लाखों रुपये खर्च करता है, लेकिन मार्ग की स्थिति में सुधार नहीं होता.