24 घंटे में फिर बदला मौसम का मिजाज, ओलावृष्ट‍ि ने किसानों की कमर तोड़ी

रानीखेत।… उत्तराखंड में कुमाऊं के पहाड़ों में 24 घंटे के भीतर एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगड़ गया. शुक्रवार को दोबारा हुई ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ने का काम किया है. ताजा ओलावृष्टि से कई हेक्टेयर क्षेत्रफल में मटर की तैयार फसल बर्बाद हो गई है. रबी सीजन की अन्य सब्जियों को भी भारी नुकसान हुआ है.

अल्मोड़ा और नैनीताल जिले की सीमा से सटे सब्जी उत्पादक गांवों में भी ओलों ने खेती को अच्छा-खासा नुकसान पहुंचाया है. उधर ओलावृष्टि से तापमान में भारी गिरावट के कारण एक बार फिर पहाड़ों में ठिठुरन भी बढ़ गई है.

कुछ दिन धूप खिलने के बाद पहाड़ का मौसम खुशगवार हो गया था. बुधवार 18 फरवरी को मौसम ने अचानक करवट ले ली और मौसम का वह रुख गुरुवार को भी जारी रहा. सुबह से ही आसमान बादलों से घिरा रहा. गरज के साथ पहले बादल जमकर बरसे और फिर ओलावृष्टि हुई. इससे तापमान में गिरावट आने से पहाड़ में ठंड बढ़ गई है.

रानीखेत शहर के साथ ही ताड़ीखेत, द्वाराहाट विकासखंड में भी रुक-रुक कर बारिश होती रही. गुरुवार को आसमान में छाए बादलों ने दिन में ही अंधेरे का एहसास कराया. सड़कों पर इतना अंधेरा था कि वाहनों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा. हालांकि दोपहर बाद बारिश का दौर कम हुआ, लेकिन आसमान बादलों से पटा रहा.

अल्मोड़ा व नैनीताल जिले की सीमा से सटे बेतालघाट ब्लॉक के सुदूरवर्ती गांव तड़ी, बिनोली, फड़िका, खलाड़, सकदीना आदि सब्जी उत्पादक गांवों में ओलावृष्टि ने मटर की फसल चौपट कर दी.