हरीश रावत और बहुगुणा के बीच ‘ऑल इज वेल!’

देहरादून।… मुख्यमंत्री हरीश रावत और पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय बहुगुणा के बीच लंबे समय से चल रही सियासी खींचतान पर लगता है फिलहाल विराम लग गया है. बहुगुणा अपने कार्यकाल में हुई घोषणाओं को वरीयता के आधार पर पूरा करने का भरोसा मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिलने के बाद कुछ हद तक संतुष्ट नजर आ रहे हैं.

दोनों कांग्रेस नेताओं के बीच मंत्रिमंडल में फेरबदल और राज्यसभा की खाली हुई एक सीट भरे जाने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई. मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अब भी पत्ते नहीं खोले हैं.

पिछले कुछ समय से पूर्व मुख्यमंत्री बहुगुणा और मुख्यमंत्री रावत के संबंधों में तल्खी बढ़ी है. पिछले एक पखवाड़े में इसमें कड़वाहट कम होने की बजाए और ज्यादा घुल गई थी. तीन दिवसीय दौरे पर देहरादून पहुंचे बहुगुणा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए समय मांगा था. शुक्रवार सुबह करीब 10.30 बजे बहुगुणा ने आवास पर मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात की.

करीब आधा घंटा बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री बहुगुणा ने अपने कार्यकाल के दौरान की गई घोषणाओं पर अमल नहीं होने का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं की वरीयता तय कर पूरा किया जाए. उन्होंने कांग्रेस के चुनाव घोषणापत्र पर भी अमल करने पर जोर दिया. सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यकाल में हुई घोषणाओं पर अमल किए जाने का भरोसा दिलाया.

सूत्रों के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच सियासी हालात पर भी चर्चा हुई. पूर्व मुख्यमंत्री बहुगुणा ने मंत्रिमंडल की खाली सीट के लिए विधायक सुबोध उनियाल की पैरवी की. राज्यसभा सांसद मनोरमा शर्मा के निधन के बाद खाली हुई राज्यसभा सीट को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर तो कुछ नहीं कहा, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री के सुझावों पर गौर करने की बात कही. लंबे समय से खफा चल रहे बहुगुणा इस बातचीत के बाद काफी हद तक संतुष्ट दिखाई दिए. मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में बहुगुणा ने इस बातचीत को सकारात्मक बताया.