उत्तराखंड को है भयानक भूकम्प का ख़तरा

बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पेलियोबॉटनी (बीएसआईपी) में आयोजित कांफ्रेंस में अमेरिका के भू वैज्ञानिक प्रो. रोजर बिलहम ने आशंका जताई कि उत्तराखंड के मध्य कुमाऊं में पृथ्वी की परतों में तनाव मिला है। इसकी वजह से विनाशकारी भूकंप आने की संभावना पैदा हो गई है। इसके आने का समय निश्चित नहीं है अभी लेकिन आना तय है.

गुरुवार को अपने रिसर्च पेपर प्रस्तुत करते हुए प्रो. ने उत्तराखंड में भूकंप के खतरे की जानकारी दी। प्रो. बिलहम जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश सहित देश के कई अलग-अलग हिस्सों में भूकंप और उसकी तीव्रता का पूर्वानुमान लगा चुके हैं।

प्रो. बिलहम का कहना है कि भूकंप का खतरा उत्तराखंड में खासतौर पर चमोली, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा और बागेश्वर में सबसे ज्यादा है। इसके नुकसान को सरकार केवल क्षेत्र में भूकंपरोधी निर्माण करवाकर ही कम कर सकती है।

इसके अलावा अवैध खनन और निर्माण को तुरंत रोकने का सुझाव दिया है। वहीं, पर्यावरणविद डॉ. वीके जोशी का कहना है कि भूकंप की पुनरावृत्ति 100 साल के बाद होती है। इस इलाके में 1905 में हिमाचल प्रदेश में भूकंप आया था। ऐसे में संभावना है कि उत्तराखंड जल्द ही भूकंप की चपेट में होगा।