शिवरात्रि के मौके पर भक्तों ने किया भोले बाबा का जलाभ‍िषेक

ऋषिकेश। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर समूचे उत्तराखंड में सुबह से ही श‍िवालयों में भक्तों की तांता लगा रहा. सुबह पौ पटते ही श्रद्धालुओं ने पवित्र नदियों में डुबकी लगाकर या घर पर ही स्नान करके भोले बाबा को प्रसन्न करने के लिए उनका जलाभ‍िषेक, दुग्धाभिषेक किया.

ऋष‍िकेश और आसपास का क्षेत्र भगवान शिव के रंग में रंगा नजर आया. नीलकंठ महादेव मंदिर में रिकॉर्ड पौने दो लाख भक्तों ने जलाभिषेक किया. शहर के पौराणिक शिवालयों में भी भोले बाबा को जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं दिन भर उमड़ते रहे.

भगवान शिव की आराधना के प्रमुख पर्व महाशिवरात्रि का त्योहार तीर्थनगरी क्षेत्र में धूमधाम के साथ मनाया गया. तीर्थनगरी के प्राचीन शिव मंदिरों में श‍िव शंकर के जलाभिषेक के लिए भारी भीड़ उमड़ी. नीलकंठ महादेव मंदिर में आधी रात्रि से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था. यहां जलाभिषेक के लिए मंदिर के बाहर करीब एक किलोमीटर लंबी लाइन लगी रही.

आसपास के इलाकों के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब आदि राज्यों से भी भारी तादाद में श्रद्धालुओं ने नीलकंठ धाम में पहुंच पवित्र शिवलिंग पर जल चढ़ाया. पुलिस अधीक्षक पौड़ी अजय जोशी, एसडीएम डीपी सिंह, सीओ अरुणा भारती ने भी नीलकंठ पहुंच व्यवस्थाओं का जायजा लिया.

नीलकंठ मंदिर क्षेत्र में सभी पार्किंग वाहनों से खचाखच भरी रहीं. इस कारण कुछ समय के लिए वाहनों को पहले ही रोकना पड़ा. नगर के पौराणिक शिवालयों वीरभद्र महादेव मंदिर, चंद्रेश्वर महादेव, सोमेश्वर महादेव, पातालेश्वर महादेव में भी जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की संख्या हजारों की संख्या में पहुंची.

शिवरात्रि पर वीरभद्र महादेव मंदिर में पंरापरागत तरीके से वीरभद्र मेले का आयोजन किया गया. इसमें खाद्य सामग्री के स्टॉल के साथ ही श्रृंगार सामग्री व खेल खिलौनों के स्टॉल भी लगे. मेले में भांग मिली हुई ठंडाई के भी तलबगार कम नहीं थे. बच्चों के लिए यहां चर्खी, झूले, मैजिक कुआं आदि आकर्षण का केंद्र बने रहे. मेले में सुबह से ही भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी. दिन भर लोगों ने मेले में खरीदारी की. देर रात तक मेले में भारी भीड़ जुटी रही.

हरिद्वार धूमधाम से निकली शिव बरात, झूमे श्रद्धालु
हरिद्वार जिले में दक्षनगरी कनखल स्थित तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित 20वें शिवरात्रि महोत्सव पर आयेाजित शिव बरात के शुभारंभ पर बतौर मुख्य अतिथि डोईवाला के विधायक हीरा सिंह बिष्ट ने कहा कि देवों ने अमृत पान किया, लेकिन देवों के देव महादेव ने विषपान कर पूरे ब्रह्मांड का कल्याण किया. इस कारण उन्हें कल्याणकारी कहा जाता है.

नगर विधायक मदन कौशिक ने कहा कि शिव के दर्शन मात्र से ही व्यक्ति धन्य हो जाता है. मेयर मनोज गर्ग ने भी भोलेनाथ को श्रद्धासुमन अर्पित करके उनके चरणों में शीश नवाया. मंदिर के महंत स्वामी त्रिवेणी दास महाराज ने कहा कि भगवान को जलधारा प्रिय है. अन्य देवताओं की परिक्रमा पूरी होती है, जबकि भगवान शिव की परिक्रमा आधी होती है. शिव ही ऐसे देव हैं जो उपासक की उपासना एक लोटा जल से प्रसन्न हो जाते हैं.

इससे पहले भगवान शिव की बरात का मंदिर प्रांगण से शुभारंभ हुआ. शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई देर शाम मंदिर प्रांगण पर आकर संपन्न हुई. शिव बरात में भगवान शिव के गण और मां काली, शिव के नृत्य वाली झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही. महंत त्रिवेणी दास ने बताया कि बुधवार को मंदिर प्रांगण में संत सम्मेलन और भंडारे का आयोजन किया जाएगा.

हरिद्वार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालयों में उमड़ी भीड़
महाशिवरात्रि पर धर्मनगरी ही नहीं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालयों में भी बड़ी तादात में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया. लक्सर, पथरी, लालढांग, बहादराबाद, धनौरी आदि क्षेत्रों के मंदिरों में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी.

लक्सर में मंगलवार सुबह तीन बजे से ही शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी. खानपुर स्थित भगवान जटाशंकर महादेव मंदिर पर हजारों की संख्या में शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया. यहां देर शाम तक जलाभिषेक का क्रम चलता रहा.

मंदिर पर दो दिनों तक चलने वाले विशाल मेले को देखते हुए खानपुर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में यहां पुलिस बल को लगाया है. इसके अलावा नगर के सीमली स्थित प्राचीन शिव मंदिर, पंचलेश्वर महादेव मंदिर व पथरी क्षेत्र में स्थित पथरेश्वर महादेव मंदिर पर भी हजारों की संख्या में लोगों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया. भीड़ भाड़ को देखते हुए एहतियान पुलिस बल तैनात रहा.

लालढांग के प्राचीन शिव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी. जलाभिषेक का क्रम दिन भर जारी रहा. मेले में भी श्रद्धालुओं की भीड़ देखते ही बन रही थी. बुधवार को उर्स मेले का भी आयोजना होगा. कटेवड़ शिव मंदिर और शिव सेवा आश्रम में भी बड़ी तादात में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया.

धनौरी क्षेत्र के धनौरा, तेलीवाला, दौलतपुर, गढ़, औरंगाबाद समेत दर्जनों गांवों में मंदिरों पर जलाभिषेक किया गया. धनौरा के ग्रामीणों ने शोभा यात्रा भी निकाली.