अब डरना जरूरी है! स्वाइन फ्लू के 9 नए संदिग्ध मामले आए सामने

हरिद्वार जिले में स्वाइन फ्लू का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. अकेले सोमवार को ही यहां स्वाइन फ्लू के 9 संदिग्ध मामले सामने आए हैं. इनमें से केवल दो के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, जबकि तीन को भर्ती कर दवा शुरू कर दी गई है. बाकी को निगरानी में रखकर दिशा-निर्देश दिए गए हैं.

सोमवार को विभिन्न अस्पतालों से रेफर स्वाइन फ्लू के 7 संदिग्ध मरीज जिला अस्पताल पहुंचे. नोडल अधिकारी डॉ.संदीप निगम ने बताया कि सुभाषनगर निवासी बीस वर्षीय युवती को तेज बुखार के साथ सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. भूमानंद अस्पताल में भर्ती महिला भी इसी कॉलोनी की है. चूंकि महिला में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है, इसलिए युवती में भी इसकी संभावना ज्यादा है.

युवती की स्थिति अभी गंभीर नहीं है, इसलिए सैंपल नहीं लिया गया है. लेकिन एहतियात के तौर पर उसे अस्पताल के आइसोलेशन वॉर्ड में भर्ती कर लिया गया है. युवती की दवा भी शुरू कर दी गई है. डॉ. निगम ने बताया कि छह अन्य लोगों में भी स्वाइन फ्लू के लक्षण मिले हैं और सभी हरिद्वार के हैं. सभी को जरूरी दिशा-निर्देश देकर भेज दिया गया है. लेकिन सभी को नियमित रूप से चेकअप के लिए आने को भी कहा गया है.

मेट्रो और आरके मिशन से एक-एक सैंपल भेजे
जिला अस्पताल के अलावा मेट्रो और रामकृष्ण मिशन अस्पताल (बंगाली अस्पताल) में भी स्वाइन फ्लू के एक-एक संदिग्ध मरीज पहुंचे. नोडल अधिकारी डॉ. एलडी पंत ने बताया कि मेट्रो अस्पताल में आर्यनगर निवासी 66 वर्षीय व्यक्ति में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिलने पर भर्ती कराया गया है. जबकि आरके मिशन पहुंचे 60 वर्षीय व्यक्ति निवासी बड़ा अखाड़ा में भी स्वाइन फ्लू के लक्षण मिले हैं. दोनों के सैंपल लेकर जांच को भेज दिए गए हैं और भर्ती करके दवा भी शुरू कर दी गई है.

ऐसे पहचानें कि स्वाइन फ्लू है:

पहली स्टेज सामान्य फ्लू की तरह हल्के बुराख, खांसी, गले में संक्रमण, बदन दर्द, सिर दर्द, डायरिया और उल्टी की शिकायत
दूसरी स्टेज पहले स्टेज के सभी लक्षणों के साथ तेज बुखार और गले में संक्रमण बढ़ना
तीसरी स्टेज पहली व दूसरी स्टेज के लक्षणों के अलावा श्वास संबंधी समस्या, छाती में दर्द, ब्लडप्रेशर गिरना, खांसी के साथ खून आना, नाखूनों का नीला पड़ना, बच्चों में चिड़चिड़ाहट, और तबीयत ज्यादा बिगड़ना

कैसे करें बचाव
खांसते और छींकते समय टीशू पेपर या रूमाल का प्रयोग करें और इन्हें सावधानी पूर्वक डिस्पोज कर दें.
बाहर से आए और संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाकर रखें.
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें.
संक्रमण वाले राज्य और की हो सके तो यात्रा न करें
संक्रमित व्यक्ति के सामान का प्रयोग न करें.
नियमित व्यायाम करें, स्वास्थ्य का ध्यान रखें.
साफ-सफाई का रखें विशेष ध्यान.
लक्षण मिलने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
समय-समय पर मुंह और हाथ धोते रहें.