हिम्मत के दम पर आधे घंटे तक गुलदार से जूझती रही महिला, बचाई जान

अल्मोड़ा जिले में विकास खंड लमगड़ा के अंड़ोली गांव में एक महिला ने हिम्मत और समझदारी का जबरदस्त नमूना पेश किया. अपने अदम्य साहस के दम पर गुलदार से आधे घंटे तक जूझने के बाद भी महिला ने अपनी जान बचा ली. हालांकि इस घटना में महिला को कई जगह नाखून लगे हैं, लेकिन उसने गुलदार को भगाकर ही दम लिया. महिला को अस्पताल में इलाज के बाद घर भेज दिया गया है.

अंड़ोली गांव निवासी 26 वर्षीय नीमा देवी पत्‍‌नी शिवराज सिंह रविवार की सुबह आठ बजे घर से घास लेने निकली. नीमा घर से थोड़ी ही दूर पहुंची थी कि घात लगाकर बैठे गुलदार ने उस पर पीछे से हमला कर दिया. गुलदार के हमले के बाद नीमा घबराई नहीं और उसने गुलदार को आज छकाने का मन बना लिया.

गुलदार नीमा को अपना निवाला बनाता, इससे पहले ही नीमा ने आत्मरक्षा में गुलदार पर दराती से जोरदार हमला कर दिया. आधे घंटे तक गुलदार और महिला के बीच संघर्ष चलता रहा, लेकिन नीमा ने भी हिम्मत नहीं हारी. वह पूरी ताकत और हिम्मत के साथ गुलदार का सामना करती रही. गुलदार से संघर्ष के दौरान नीमा के कपड़े भी पूरी तरह फट गए.

संघर्ष के दौरान नीमा के शरीर पर गुलदार ने कई जगह नाखून से घाव भी कर दिए. लगभग आधे घंटे के संघर्ष के बाद वहां से गुजर रहे चौना गांव निवासी अनिल गुरूरानी ने महिला और गुलदार के बीच खेत में संघर्ष होते देखा तो वह हैरत में पड़ गए. उन्होंने शोर मचाया तो पास से ही सुनील धोनी नाम का युवक भी वहां पहुंच गया. दोनों ने शोर मचाकर गांव वालों को वहां एकत्र किया. तब कहीं जाकर गुलदार नीमा को छोड़ वहां से भागा.

गुलदार से संघर्ष में घायल नीमा को लहूलुहान हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाके के बाद उसे घर भेज दिया गया. नीमा के शरीर में कई जगहों पर गुलदार के नाखूनों से घाव हो गए. गुलदार के हमले के बाद अगर नीमा ने हिम्मत नहीं दिखायी होती तो वह आसानी से गुलदार का निवाला बन जाती.

एक बार फिर असफल हुआ गुलदार
लमगड़ा विकास खंड के अंड़ोली गांव में नीमा देवी पर किए गए हमले में असफल रहने के बाद गुलदार ने रविवार की देर शाम ध्यूली गांव में दो महिलाओं पर फिर झपटने की कोश‍िश की. ध्यूली गांव निवासी पूजा और नारायणी देवी रविवार शाम घास लेने जंगल की ओर जा रही थी. तभी उन्हें गुलदार के गुर्राने की आवाज सुनायी दी. उन्होंने पलट कर देखा तो पास ही एक टीले में गुलदार उन पर हमला करने की तैयारी में था. महिलाओं ने शोर मचाया और वहां से भागकर अपनी जान बचायी.