न जाने कब बनेगा प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर, निदेशालय में अटका मामला

बाजपुर: उधमसिंह नगर में बाजपुर विधानसभा क्षेत्र को अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर देने की मंत्रीजी की कवायद अधर में अटक गई है. एक साल पहले भेजे गए ट्रॉमा सेंटर के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिलने से स्थानीय लोगों की उम्मीदें भी अब टूटने लगी हैं.

हाईवे किनारे स्थित सुल्तानपुर पट्टी के लोगों की ट्रॉमा सेंटर बनाए जाने की मांग सालों पुरानी है. उनका तर्क है कि यहां स्थित अति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में यदि ट्रॉमा सेंटर का निर्माण होता है तो ग्रामीण के साथ ही कोसी खनन में लगे हजारों मजदूरों को भी बेहतर इलाज मिल सकेगा.

इसके अलावा हाइवे किनारे होने वाले हादसों के घायलों को भी तत्काल इलाज मिल सकेगा, जिससे उनकी जान बच पाएगी. स्थानीय लोगों की मांग पर चुनाव जीतने के बाद साल 2012 में कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने इसकी कवायद शुरू कर दी थी. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने सर्वे कराने के बाद प्रस्ताव तैयार करके अप्रैल 2014 में सरकार को भेजा था.

इसमें ऑपरेशन थिएटर, प्लास्टर कक्ष, मेडिकल रूम व अन्य तीन कक्ष के लिए पर्याप्त जमीन होने की रिपोर्ट भी लगाई गई थी. करीब एक साल बीतने को है, लेकिन अब तक निदेशालय में इस फाइल पर कोई अमल नहीं हुआ है. ऐसे में स्थानीय लोगों का ट्रॉमा सेंटर का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है.

ट्रॉमा सेंटर में ये होगी व्यवस्था
ट्रॉमा सेंटर खुलने पर स्थानीय लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी. इसमें मुख्य रूप से चार डॉक्टर मौजूद रहेंगे. इसमें हृदय रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, न्यूरो सर्जन व एक सामान्य सर्जन की भी तैनाती किए जाने का प्रस्ताव है.