धारचूला: 400 मीटर गहरी खाई में गिरी जीप, सीओ सहित 8 की मौत

हल्द्वानी से यात्रियों को लेकर पिथौरागढ़ जिले में धारचूला जा रही जीप रविवार दोपहर करीब 1.15 बजे जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर मटेला बैंड के पास करीब 400 मीटर खाई में गिर गई. इस हादसे में पिथौरागढ़ के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) महिपाल सिंह पाल, धारचूला निवासी मां-बेटे और बिंदुखत्ता निवासी ड्राइवर सहित कुल आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि एक यात्री घायल हो गया. हादसे में जीप के परखचे उड़ गए.

पांच लोगों के शव दूसरे बैंड की मुख्य सड़क पर बिखर गए. बताया जा रहा है कि सेराघाट के गोविंद सिंह और डाकुड़ा के कैलाश टम्टा ने जीप को गिरते देखा और उन्होंने ही सामाजिक कार्यकर्ता गोविंद सिंह वल्दिया को घटना के बारे में जानकारी दी. बाद में वल्दिया ने थाना पुलिस, एसडीएम और 108 सेवा को हादसे के बारे में बताया. हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए.

प्रमुख हिन्दी दैनिक अमर उजाला के मुताबिक पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर करीब 1.15 बजे मटेला बैंड के पास जीप (UK 04 TA 4135) एक बैंड से पलटकर दूसरे बैंड की मुख्य सड़क से होते हुए करीब 400 मीटर गहरी खाई में गिर गई. दुर्घटना में पिथौरागढ़ के सीओ महिपाल सिंह पाल (58) निवासी ग्राम छिनका जिला चमोली, धारचूला के तीजम गांव निवासी धीरज सिंह (21), गौरी देवी (50) पत्नी माधो सिंह, ड्राइवर कमल सुयाल (25) पुत्र जमन सिंह निवासी बिंदुखत्ता नैनीताल और बिंदुखत्ता की ही निवासी नंदी देवी (45) पत्नी चंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई.

बलुवाकोट, धारचूला निवासी 45 वर्षीय त्रिलोक सिंह पुत्र मान सिंह और छानी-कौसानी निवासी दीवान सिंह (45) पुत्र गोपाल सिंह ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया. वहीं, मुकेश सिंह (15) पुत्र कृष्ण सिंह निवासी खुमती धारचूला की अस्पताल में पहुंचने के 30 मिनट बाद मौत हो गई. हादसे में जगदीश प्रजापति घायल हो गए। वह पिथौरागढ़ में वर्षा स्वीट्स के मालिक है. पहले आशंका जताई जा रही थी कि जीप में ज्यादा लोग सवार होंगे, लेकिन जगदीश प्रजापति से की गई पूछताछ में पता चला कि जीप में ड्राइवर सहित कुल 9 ही लोग थे.

घटनास्थल पर पहुंचे एसडीएम अनुराग आर्य ने बताया कि जीप में सवार यात्रियों का सामान बुरी तरह बिखर गया था. घटनास्थल की स्थिति को देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि ड्राइवर को झपकी आ गई होगी. घायल जगदीश प्रजापति ने बताया कि सभी यात्री पीछे की सीटों पर सोए हुए थे. जगदीश ने बताया कि जीप की रफ्तार भी ज्यादा नहीं थी. यह सुबह पांच बजे हल्द्वानी से चली थी और दोपहर 1.15 बजे मटेला बैंड पहुंच गई.

देहरादून में गवाही से लौट रहे थे सीओ
सड़क हादसे का शिकार हुए सीओ महिपाल सिंह पाल मूल रूप से तो चमोली जिले के छिनका गांव के निवासी थे, लेकिन उनका परिवार अब देहरादून में जोगीवाला के नेहरू कालोनी में रहता है. उन्होंने 16 दिसंबर 1982 को सब इंस्पेक्टर के तौर पर पुलिस सेवा शुरू की थी. उनकी पहली पोस्टिंग भी पिथौरागढ़ में ही हुई थी. पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) बनने के तीन महीने बाद 16 जून 2013 को उनकी तैनाती पिथौरागढ़ में हो गई. उनको धारचूला पुलिस सर्किल का क्षेत्राधिकारी बनाया गया. 6 दिसंबर 2014 को उनकी तैनाती पिथौरागढ़ सर्किल में हो गई. महिपाल सिंह देहरादून में गवाही के सिलसिले में गए थे और हल्द्वानी से इसी जीप से लौट रहे थे. शव को अंतिम संस्कार के लिए देहरादून ले जाया जाएगा.

रविवार देर शाम पुलिस लाइन में मृतक सीओ महिपाल सिंह पाल को अंतिम सलामी दी गई. गमगीन माहौल में पुलिस लाइन में सीओ का शव लाया गया. पिथौरागढ़ के एसपी रोशन लाल शर्मा, चंपावत के एसपी डीएस कुंवर समेत तमाम पुलिसकर्मियों ने उन्हें अंतिम सलामी दी. एसपी रोशन लाल शर्मा ने कहा कि पुलिस विभाग ने एक कर्तव्यनिष्ठ अफसर खो दिया है. सीओ का शव देहरादून भेजने की तैयारी की जा रही है.