मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अर्धकुंभ के लिए केंद्र से मांगे 500 करोड़ रुपये

देहरादून।… मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात करके अगले साल मकर संक्रांति के दिन से हरिद्वार में होने जा रहे अर्धकुंभ मेले के लिए 500 करोड़ रुपये की मांग की है. उन्होंने यह राश‍ि एकमुश्त किश्त के रूप में मांगी है. इसके अलावा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को बैंक कर्ज पर ब्याज माफी व व्यवसायियों को सर्विस टैक्स, एंटरटेनमेंट टैक्स आदि में छूट अगले तीन वित्तीय वर्ष तक के लिए बढ़ाने का भी अनुरोध किया.

शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार कुंभ जैसे बड़े आयोजन के लिए मानव संख्या के आधार पर केंद्रीय अनुदान देती है. हरिद्वार में साल 2016 में होने जा रहे अर्धकुंभ मेले में देश-विदेश के लगभग 7-8 करोड़ लोगों के पहुंचने की उम्मीद है.

इसके आधार पर केंद्र सरकार से इस आयोजन के लिए 500 करोड़ रुपये की धनराशि तत्काल जारी करने का अनुरोध किया गया है. उन्होंने कहा कि कुंभ क्षेत्र एक बड़ा भू-भाग है, जिसमें हरिद्वार, देहरादून, टिहरी व पौड़ी जिलों के कई क्षेत्र शामिल हैं.

राज्य सरकार की प्राथमिकता कुंभ क्षेत्र में स्थायी प्रकृति की परिसंपत्तियां बनाना है, ताकि उनका उपयोग आने वाले लंबे समय के लिए हो सके. उन्होंने अर्धकुंभ मेले की व्यवस्थाओं के लिए 500 करोड़ रुपये जारी करने और इस धनराशि का उपयोग करने का निर्णय राज्य सरकार के विवेक और निवर्तन पर छोड़ने की मांग की.

सीएम रावत ने कहा कि 2013 की भीषण आपदा से राज्य को भारी नुकसान हुआ है. आपदा प्रभावित क्षेत्रों, खासकर रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में लोगों के पर्यटन व्यवसाय, होटल, ढाबा आदि को व्यापक पैमाने पर नुकसान हुआ है.

उनके व्यवसाय को पुनर्जीवित करने के लिए केंद्र ने 2013-14 में इन व्यवसायियों को सर्विस टैक्स में छूट दी थी, जो पर्याप्त नहीं है. उन्होंने इस छूट को अगले दो साल के लिए बढ़ाने की मांग की गई है. साथ ही, मुख्यमंत्री ने आपदाग्रस्त जिलों में व्यापक हानि से प्रभावित लोगों को उनके बैंक कर्ज पर लग रहे ब्याज को भी वित्त वर्ष 2015-16 तक के लिए माफ किए जाने का अनुरोध किया.