‘मेरा गांव मेरी सड़क’ योजना के तहत हर ब्लॉक में बनेंगी दो सड़कें

देहरादून।… उत्तराखंड सरकार ने ‘मेरा गांव मेरी सड़क’ योजना को धरातल पर उतारने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं. चालू वित्त वर्ष में इस योजना के अंतर्गत सभी 95 ब्लॉकों में दो-दो सड़कें बनाने का लक्ष्य तय किया गया है. ग्राम्य विकास विभाग ने दो महीने के लिए 33.50 करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर दिया है. अगले वित्तीय वर्ष में इस योजना के तहत राज्य के सभी विकासखंडों में कम से कम पांच सड़कें बनाने का लक्ष्य तय किया जाएगा.

ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री की पहल पर शुरू की गई ‘मेरा गांव मेरी सड़क’ योजना के तहत एक किलोमीटर तक लंबी सड़क निर्माण में विकासखंडों को नोडल एजेंसी बनाया गया है, जबकि एक किलोमीटर से ज्यादा लंबाई वाली सड़क का निर्माण ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा किया जाएगा. इस योजना के तहत उन सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जो आबादी के तय मानक पूरा नहीं करने के कारण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत कवर नहीं हो पा रहीं हैं.

दरअसल, PMGSY में आबादी का मानक 500 से घटाकर 250 कर दिया गया है, लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों के कई गांव यह मानक भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं. राज्य सरकार की नई योजना में इन गांवों को सड़क से जोड़ा जाएगा. योजना के तहत एक किलोमीटर सड़क की लागत 35 लाख रुपये तय की गई है, जिसमें से 17.50 लाख रुपये मनरेगा से मिलेंगे और शेष 17.50 लाख ग्राम्य विकास विभाग द्वारा वहन किए जाएंगे. इसमें सिर्फ उन्हीं सड़कों को शामिल किया जाएगा, जिनके निर्माण में वनभूमि की जरूरत नहीं होगी.

ग्राम्य विकास विभाग ने चालू वित्त वर्ष के लिए प्रत्येक ब्लॉक में इस योजना के तहत दो-दो सड़कों का लक्ष्य तय कर दो महीने के लिए 33.50 करोड़ की धनराशि जारी कर दी. सचिव ग्राम्य विकास विनोद फोनिया की ओर से इस बाबत शासनादेश कर दिया गया है. अगले वित्त वर्ष से इस योजना के तहत प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम पांच-पांच सड़कों के निर्माण किया जाएगा. ग्राम पंचायत व विकासखंडों से प्रस्ताव मिलने के बाद जिलाधिकारी इस योजना के तहत सड़कों का चयन करेंगे.