स्याल्दे: सड़क नहीं बनने से भड़के ग्रामीण, प्रदर्शनकारियों ने किया तहसील का घेराव

स्याल्दे में सड़क की मांग को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया और वे सड़क पर उतर आए. इस दौरान गुस्साए लोगों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस निकालकर तहसील कार्यालय का घेराव भी किया. स्थानीय लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन करके मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और तेज करने की धमकी दी.

विभिन्न मांगों को लेकर बबलिया घाटी विकास संघर्ष समिति के आह्वान पर क्षेत्र के ग्रामीण शुक्रवार की सुबह पत्थरखोला से गाड़‍ियों में बैठकर तारानगर पहुंचे. यहां से वे प्रशासन-प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते हुए जुलूस लेकर तहसील मुख्यालय स्याल्दे पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करके अपने गुस्से का इजहार किया.

इस दौरान सभा में वक्ताओं ने शासन-प्रशासन पर बबलिया घाटी की उपेक्षा करने का आरोप लगाया. वक्ताओं ने कहा कि कई बार आंदोलन के बाद भी समस्याएं जस की तस पड़ी हैं. ग्रामीण नेताओं के झूठे आश्वासनों से लोग परेशान हैं. सड़क सुविधा न होने से वे 15 किमी पैदल चलने को मजबूर हैं. उन्होंने कहा कि अब क्षेत्र की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं होगी. शीघ्र ही बैठक कर आंदोलन की रणनीति तय होगी.

प्रदर्शनकारियों ने बाद में मुख्यमंत्री हरीश रावत के नाम तहसीलदार राधेराम को एक ज्ञापन भी सौंपा.