कहीं केदारनाथ से बचकर तो नहीं आयी, पिथौरागढ़ में भटक रही वह ‘पागल’ मराठी महिला

देवलथल में इन दिनों एक महिला भटकती हुई दिख रही है. वह टूटी-फूटी मराठी बोल रही है और लोगों को आशंका है कि वह भी केदारनाथ से भटकी श्रद्धालु हो सकती है. लोगों की इस आशंका को इस बात से भी बल मिलता है, क्योंकि देवलथल से सड़क थल, चौकोड़ी होते हुए बागेश्वर मिलती है और बागेश्वर से ग्वालदम. ग्वालदम इलाका चमोली जिले से सटा है और चमोली जिले में ही केदारनाथ धाम भी है.

ग्वालदम से पिथौरागढ़ के लिए नियमित तौर पर केमू (KMOU) की बसें चलती हैं. ऐसे में संभव है कि महिला चमोली की तरफ से ग्वालदम होते हुए किसी बस में यहां देवलथल पहुंची होगी. देवलथल पिथौरागढ़ से 30 किमी दूर है.

पिछले दिनों उत्तरकाशी जिले में भी राजस्थान की एक महिला मिली थी और उसकी मानसिक हालत बिगड़ चुकी थी. उस महिला का पति उसे अपने साथ ले गया था. इसके एक-दो दिन बाद हरिद्वार के कांगड़ी गांव में भी एक महिला देखी गई, जिसकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी.

गुरुवार को देवलथल पहुंची इस महिला की उम्र 45-50 वर्ष के बीच बताई जा रही है. यह महिला देवलथल में अनिल पांडे की दुकान के आगे बैठ गई. जब लोगों ने उससे उसके बारे में पूछा तो वह कुछ नहीं बता पाई. लोगों का कहना है कि महिला टूटी-फूटी मराठी बोल रही है.

दुकानदार अनिल पांडे ने इसकी जानकारी जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार को दी. जगदीश ने बताया कि महिला की मानसिक हालत ठीक नहीं है. बाराबीसी उत्थान समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र बसेड़ा, दिनेश पांडे, नरेश पांडे आदि महिला की देखरेख कर रहे हैं.

देर शाम मौके पर पहुंचे थल थाना प्रभारी बलवंत कांबोज ने भी महिला से हुई बातचीत के आधार पर बताया कि वह महाराष्ट्र की हो सकती है. हालांकि, अभी महिला के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ कह पाना संभव नहीं है. उन्होंने बताया कि महिला को नारी निकेतन भेजा जा रहा है.