जितेंद्र के मुक्के का जवाब नहीं, राष्ट्रीय खेलों में चमका कुमाऊं का लाल

राष्ट्रीय खेलों में कुमाऊं के खिलाडि़यों का दमदार सफर जारी है. इस बार पिथौरागढ़ के निवासी मुक्केबाज ने तेलंगाना के ख‍िलाड़ी को हराकर फाइनल में जगह बनायी और साई सेंटर का नाम रोशन कर दिया. फाइनल में पहुंचने के साथ ही जितेंद्र का सिल्वर मेडल पक्का हो गया है.

कोच हरजिंदर सिंह संधू ने बताया कि मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले का निवासी जितेंद्र सिंह जोरा पिछले चार साल से भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र (साई) के हॉस्टल में रहकर बॉक्सिंग की ट्रेनिंग ले रहा है. अपनी प्रतिभा के दम पर उसने केरल में चल रहे 35वें राष्ट्रीय खेलों में जगह पक्की की थी.

गुरुवार को उसने 69 किलोग्राम भार वर्ग में सेकेंड राउंड में टेक्निकल नॉक आउट में तेलंगाना को हराकर आखिरी दौर में प्रवेश किया. इस जीत के साथ ही उसका सिल्वर मेडल भी पक्का हो गया है. उसका फाइनल मुकाबला सेना से है. अगर फाइनल में भी जितेंद्र को सफलता मिल गई तो पूरे राज्य के लिए यह स्वर्णिम उपलब्धि होगी.

संधू ने बताया कि जितेंद्र इससे पूर्व भी नेशनल में एक सिल्वर व ब्रॉन्ज मेडल जीत चुका है. मुक्केबाज जितेंद्र के सिल्वर मेडल पक्का करते ही भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र का 14 साल का वनवास भी खत्म हो गया. इससे पदकों के लिए जूझ रहे साई सेंटर के खिलाडि़यों को भी नई ऊर्जा मिलेगी.

काशीपुर में करीब तीन दशक पहले साई सेंटर की स्थापना हुई थी. शुरुआती दौर में कई खिलाडि़यों ने बेहतरीन खेल से सेंटर को कामयाबी की नई बुलंदियों तक पहुंचाया. 2001 में नैनीताल के मनोज शाह ने पटियाला में हुए राष्ट्रीय खेलों में बॉक्सिंग में सिल्वर मेडल जीता था.

2002 में मनोज सेंटर से पास आउट होकर आर्मी में भर्ती हो गए थे. धीरे-धीरे खिलाडि़यों के प्रदर्शन में कमी आने लगी. आज हालात यह हैं कि साई के पास फुटबॉल में नियमित छह खिलाड़ी हैं. टीम अब तक कोई बड़ी प्रतियोगिता में मेडल हासिल नहीं कर पाई है. टीटी में तीन कोच तैनात होने के बावजूद साई के पास नियमित एक भी खिलाड़ी नहीं है.

रेसलिंग के खिलाड़ी भी स्कूल स्तर तक सिमट कर रह गए हैं. अब पूरे 14 साल के बाद केरल में गुरुवार को 35वें राष्ट्रीय खेलों में मुक्केबाज जितेंद्र ने फाइनल में प्रवेश कर खिलाडि़यों के साथ साईं के लिए भी उम्मीद की किरण पैदा की है.

पिथौरागढ़ के खिलाड़ी कर रहे हैं कमाल…
35वे राष्ट्रीय खेलों में अब तक कुमाऊं के खिलाडि़यों का प्रदर्शन काफी सराहनीय रहा है. बुधवार को पिथौरागढ़ के गुरमीत सिंह ने 20 किमी वॉक में ब्रॉन्ज मेडल जबकि गुरुवार को पिथौरागढ़ के मुक्केबाज जितेंद्र ने फाइनल में जगह बनाते हुए कम से कम सिल्वर मेडल तो पक्का कर ही लिया है.